खंडवा

स्कूल शिक्षा विभाग : खंडवा के नवाचार को मिली राष्ट्रीय पहचान, ‘ प्रदन्या ’ स्टोरी ऑफ चेंज पुस्तिका में शामिल

स्कूल शिक्षा विभाग का नवाचार ‘ प्रदन्या एक पहल ’ को भारत सरकार द्वारा प्रकाशित स्टोरी ऑफ चेंज पुस्तिका में शामिल किया गया। इस पुस्तिका में देशभर की 18 श्रेष्ठ शैक्षणिक गतिविधियों को स्थान मिला है। इसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, सिक्किम, उत्तर प्रदेश, नागालैंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के नवाचार शामिल हुए हैं। मध्य प्रदेश से केवल खंडवा का नवाचार चुना गया है।
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Aug 10, 2025
School Education
खंडवा का नवाचार : ‘ प्रदन्या ’ स्टोरी ऑफ चेंज पुस्तिका में शामिल, मिली राष्ट्रीय पहचान

खंडवा जिले के शिक्षा का नवाचार ‘ प्रदन्या एक पहल ’ को भारत सरकार द्वारा प्रकाशित स्टोरी ऑफ चेंज पुस्तिका में शामिल किया गया। इस पुस्तिका में देशभर की 18 श्रेष्ठ शैक्षणिक गतिविधियों को स्थान मिला है। इसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, सिक्किम, उत्तर प्रदेश, नागालैंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के नवाचार शामिल हुए हैं। मध्य प्रदेश से केवल खंडवा का नवाचार चुना गया है।

राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट प्रैक्टिस सेमिनार में हुआ चयन

नई दिल्ली विज्ञान भवन में 7 व 8 अगस्त को राष्ट्रीय स्तर के बेस्ट प्रैक्टिस सेमिनार-2025 हुआ। इसमें प्रदेश से खंडवा जिले के नवाचार ’ प्रदन्या ’ का प्रस्तुतीकरण हुआ। इसमें खंडवा से जिला शिक्षा अधिकारी पीएस सोलंकी, एडीपीसी संगीता सोनवाने, समग्र शिक्षा अभियान एवं आकांक्षी ब्लाक छैंगांव माखन से प्रशांत दीक्षित ने सहभागिता की। उपलिब्ध हाई स्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलों के विशेषज्ञों के अनुभव के साथ छात्रों की मेहनत से मिली।

प्रदन्या पार्ट-2 लागू, चालू वर्ष में 95 फीसदी लक्ष्य

जिला शिक्षा अधिकारी पीएस सोलंकी ने बताया कि इस वर्ष परीक्षा परिणाम का लक्ष्य 95 प्रतिशत रखा गया है। प्रदन्या पार्ट-2 भी जारी कर दिया गया है, जिसमें विषय विशेषज्ञों की टीमों का सहयोग लिया गया। ऑनलाइन और ऑफलाइन मॉनिटरिंग के लिए विशेष दल बनाए गए हैं जो सतत निगरानी करेंगे। नवाचार की सफलता पर कलेक्टर ऋषव गुप्ता, जिपं सीइओ डॉ नागर्जुन बी गोड़ा और प्रदेश स्तर के अधिकारियों ने उत्साह वर्धन किया है।

ऐसे मिली सफलता

शैक्षणिक सत्र 2024-25 में डीईओ ने टीम के साथ मंथन कर समग्र शिक्षा अभियान के तहत 10 वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षा में रिजल्ट को बेहतर करने बुकलेट तैयार कराई। प्रत्येक विषय के 12-12 विशेषज्ञों की टीम बनाई। विशेषज्ञों के अनुभव, पांच साल के प्रश्न पत्रों के आधार पर बुकलेट तैयार कराई। इसका नाम रखा ‘ प्रदन्या ’। बुकलेट से विशेष कक्षाएं लगाकर अध्ययन कराया। छुट्टी के दिन अतिरिक्त कक्षाएं लगाई। मॉनीटरिंग टीम गठित की। ऑनलाइन और ऑफ लाइन परीक्षण किया। शिक्षकों और छात्रों की मेहनत रंग लाई। एक वर्ष में हाई स्कूल में परीक्षा परिणाम 60 त्न से बढ़कर 83.3 और हायर सेकंडरी में 70 से बढ़कर 84.3 फीसदी बढ़ा। सफलता मिलने के बाद चालू वर्ष में भी लागू कर दिया है।

Updated on:
10 Aug 2025 11:43 am
Published on:
10 Aug 2025 11:43 am