खंडवा

आधे घंटे तक भोजन नहीं मिला तो भड़क उठे एमपी के मंत्री, गरमागरम रोटियों के लिए कराया इंतजार

Minister Dharmendra Singh Lodhi- मंत्रीजी का गुस्सा देख किचन में जुट गए अफसर, लंच के लिए प्रभारी मंत्री को कराया इंतजार, मंत्री भड़के तो विशेष सहायक ने ली क्लास
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Apr 05, 2026
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राज्यपाल मंगुभाई पटेल के कार्यक्रम में शामिल हुए प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी

Minister Dharmendra Singh Lodhi - मध्यप्रदेश के खंडवा में अजब वाकया हुआ। यहां प्रदेश के एक मंत्री को लंच के लिए खासा इंतजार कराया गया। बहुत देर तक भोजन नहीं मिला तो मंत्रीजी भड़क उठे। विशेष सहायक ने अफसरों की क्लास ले डाली। मंत्रीजी के भड़कने के बाद माहौल गरमा गया। मंत्री को जल्द लंच सर्व करने के लिए अफसर किचन के सामने ही आ जुटे।

लंबे समय बाद शहर आए प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी की सेवा में चूक अफसरों पर नाराजगी का कारण बनी। दरअसल, प्रभारी मंत्री और उनके स्टाफ को समय पर भोजन नहीं मिल पाया। 10-10 मिनट कहकर करीब आधे घंटे तक इंतजार करवाया गया।

टाइम में कंफ़्यूजन हो गया था, रोटियां गरम रहें इसलिए देर हुई

भोजन नहीं मिलने पर मंत्री ने नाराजगी जताई तो विशेष सहायक ने भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे पटवारी की क्लास ले ली। हालांकि पटवारी का कहना है कि टाइम में कंफ़्यूजन हो गया था, रोटियां गरम रहें इसलिए देर हुई।

प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र लोधी शनिवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। जिले के बड़ौदा अहीर में जननायक टंट्या भील के जन्म दिवस पर उनके स्मारक पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम को संबोधित करते राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि देश की आजादी के आंदोलन में भगवान बिरसा मुंडा, टंट्या भील, भीमा नायक, शंकर शाह, रघुनाथ शाह जैसे जनजातीय जननायकों का योगदान अभूतपूर्व और अभिनंदनीय है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम में जननायक टंट्या भील की वंशज सोनीबाई और मांगीलाल का शॉल-श्रीफल प्रदान कर सम्मान किया। आयुष्मान, सिकल सेल कार्ड, रक्त मित्रों, सिकल सेल मित्र को प्रशस्ति पत्र और प्रमाण पत्र प्रदान किए। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र, कामधेनु योजना के हितग्राही को 35 लाख 70 हज़ार रुपए की राशि का चेक वितरित किया।

खंडवा जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के पर्यटन व संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कार्यक्रम में कहा कि जननायक टंट्या भील को इतिहास में “इंडियन रोबिनहुड” के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में सर्वस्व न्यौछावर करने और गरीबों की मदद तथा उनकी बेटियों की शादी में मदद करने के कार्यों से लोग उन्हें “टंट्या मामा” कहा करते थे।

जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने जननायक टंट्या भील स्मारक स्थल पर हर वर्ष 4 से 6 अप्रैल तक तीन दिवसीय मेले का संस्कृति और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संयुक्त आयोजन करने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर शेड निर्माण के लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत करने का भी ऐलान किया। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि आदिवासी लोक संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी जन योद्धाओं के योगदान विषय पर पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों को जनजाति कार्य विभाग की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

Updated on:
05 Apr 2026 10:16 am
Published on:
05 Apr 2026 10:15 am