
सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के तहत ब्रह्मपुरी क्षेत्र में प्रस्तावित सर्वे का स्थानीय रहवासियों ने विरोध शुरू कर दिया है। प्रशासन द्वारा 98 प्रभावित परिवारों की सूची उपलब्ध नहीं कराने के कारण शुक्रवार को भी सर्वे आगे नहीं बढ़ पाया है। समिति सदस्य एवं भाजपा नगर अध्यक्ष संतोष वर्मा ने बताया कि इस संबंध में तहसीलदार उदय मंडलोई से चर्चा हुई है। प्रभावित परिवारों की सूची मिलने के बाद ही सर्वे करने दिया जाएगा।
ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी में शुक्रवार को सर्वे टीम का विरोध हो गया। नगर अध्यक्ष संतोष वर्मा ने बताया कि इसके पूर्व गुरुवार को जब सर्वे टीम ने ब्रह्मपुरी में उन लोगों का भी नए सिरे से सर्वे शुरू कर दिया गया, जिनके नाम पूर्व की सूची में शामिल नहीं थे। इससे रहवासियों में भय फैल गया कि कहीं पूरे ब्रह्मपुरी क्षेत्र को हटाने की कार्रवाई तो नहीं की जा रही है। इसी आशंका के चलते लोगों ने सर्वे टीम का विरोध किया।
उन्होंने बताया कि इससे पहले ममलेश्वर लोक योजना के तहत जिला प्रशासन ने लगभग 190 प्रभावितों की सूची जारी की थी। इसमें संपूर्ण ब्रह्मपुरी क्षेत्र को हटाए जाने की आशंका सामने आई थी। इसके विरोध में ओंकारेश्वर के नागरिकों ने नगर बंद कर ममलेश्वर लोक योजना का विरोध किया था। उस समय कलेक्टर की ओर से अपर कलेक्टर केआर बड़ोले ने लिखित आश्वासन दिया था कि ममलेश्वर लोक योजना नहीं बनेगी और स्थानीय रहवासियों को नहीं हटाया जाएगा।
संतोष वर्मा के अनुसार, अब नए सिरे से सर्वे शुरू होने के कारण लोगों को आशंका है कि कहीं ममलेश्वर लोक योजना को दोबारा लागू करने की तैयारी तो नहीं की जा रही है। इसी कारण रहवासी सर्वे के विरोध में उतर आए। रहवासियों का कहना है कि पहले प्रशासन स्थिति स्पष्ट करें, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई करने दी जाएगी।
रहवासियों की मांग है कि प्रशासन पहले 98 प्रभावित परिवारों की सूची सार्वजनिक करें और यह स्पष्ट करे कि सर्वे का दायरा क्या है तथा किन परिवारों पर इसका असर पड़ेगा। सूची उपलब्ध होने और स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
ममलेश्वर मंदिर क्षेत्र के साथ ही ओंकारेश्वर मंदिर क्षेत्र में भी प्रभावितों का सर्वे होना था। प्रशासन ने पहले ब्रह्मपुरी, शिवपुरी और विष्णु पुरी के सर्वे का निर्णय लिया था। ओंकारेश्वर मंदिर क्षेत्र का सर्वे इसके बाद होना था। फिलहाल विरोध के चलते मामला अटक गया है और ओंकारेश्वर क्षेत्र में भी सर्वे पर विरोध की तलवाल लटक रही है।