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किसके लिए बना खंडवा का मास्टर प्लान? छोटे प्लाट पर मकान बनाने की सीमा, लकड़ी कारोबारियों की जमीन भी ग्रीन बेल्ट में

-लकड़ी कारखानों की निजी जगह को कर दिया ग्रीन बेल्ट में शामिल -पूरे शहर में सडक़ें होंगी 18 से 36 मीटर चौड़ी, इसी का सबसे ज्यादा विरोध -नए मास्टर प्लान में कई विसंगतियां, लगी 150 से ज्यादा आपत्ति
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खंडवा

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Manish Arora

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Updated: 24 Oct 2026, 12:06 PM IST

Khandwa Master Plan 2041

खंडवा. शहर का फोटो

खंडवा विकास योजना 2041 (मास्टर प्लान) में किए गए प्रावधानों में भारी विसंगतियां सामने आ रही है। मास्टर प्लान के प्रावधान भविष्य में आम नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बन सकते है। मास्टर प्लान वर्तमान प्रावधन के साथ लागू होता है तो भविष्य में आम नागरिक 1500 स्क्वेयर से कम वाले प्लाट पर दो मंजिल से ज्यादा भवन निर्माण नहीं कर पाएगा। मास्टर प्लान की विसंगतियों को लेकर चेंबर सहित आमजन भी करीब 150 से ज्यादा आपत्तियां लगा रखी है।

शहर में अधिकत प्लाट 600 वर्गफीट के

मास्टर प्लान में किए प्रावधान के अनुसार 7 बाय 15 वर्गमीटर यानि करीब 1250 स्क्वेयर फीट के प्लाट पर आपको आगे तीन वर्ग मीटर का स्पेस रखना अनिवार्य होगा। इसमें प्लाट मालिक को भूखंड के कुल क्षेत्रफल में निर्माण योग्य क्षेत्रफल (एफएआर) 1.5 दिया जाएगा। यानि क्षेत्रफल का डेढ़ गुणा ही आप निर्माण कर पाएंगे। इसके साथ ही अधिकतम 6 मीटर यानि करीब 20 फीट ऊंचाई तक दो मंजिल मकान बनाने की ही अनुमति दी जाएगी। यह प्रावधान भविष्य में नए भवन बनाने वालों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है, क्योंकि शहर में अधिकतर कॉलोनियों में 600 वर्गफीट से लेकर 1500 वर्गफीट के ही प्लाट काट रखे है।

हाईवे 12 मीटर का, शहर की सडक़ें 24 मीटर चौड़ी

खंडवा-छैगांवमाखन स्टेट हाईवे पर नया रोड प्रस्तावित है, जिसके टेंडर होना बाकी है। इस रोड की कुल चौड़ाई 12 मीटर प्रस्तावित है। जबकि शहर में कई रोड नए मास्टर प्लान में 18 से 24 मीटर तक चौड़े कर दिए गए है। इंदौर नाका से जिला अस्पताल और जलेबी चौक से आबना नदी तक के रोड की चौड़ाई 24 से बढ़ाकर 36 मीटर कर दी गई है। इंदौर नाका से आगे रोड की चौड़ाई 45 मीटर दर्शाई गई है। उल्लेखनीय है कि यहां पीएनजी गैस लाइन डल चुकी है, जिसे 24 मीटर चौड़ाई के आधार पर ही अनुमति मिली है। रोड की चौड़ाई बढऩे पर पाइप लाइन भी रोड के बीच आ जाएगी।

ग्रीन बेल्ट की जद में आएगी निजी जमीनें

मास्टर प्लान 2041 में कई निजी जमीनें भी ग्रीन बेल्ट में शामिल कर ली गई है। इसमें टिंबर मर्चेंट के लिए दिए गए लायसेंस वाली 10-10 हजार वर्गफीट की जगह को ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित किया गया है। जिसका भी जमकर विरोध हो रहा है। इसे लेकर भी कई लोगों ने आपत्ति लगा रखी है।

आवासीय क्षेत्र में उद्योग के लिए जगह

नए मास्टर प्लान में इंदौर रोड स्थित निमाड़ टेक्सटाइल के पास की 11 एकड़ जमीन को दो मास्टर प्लान में बस स्टैंड के लिए आरक्षित बताया गया। अचानक उसे अब हटा दिया गया और सामान्य कर दिया। वहीं, इंदौर रोड पर आवासीय कॉलोनी के आसपास एक-एक एकड़ में उद्योगों के लिए जगह बताई गई है।

मास्टर प्लान में ऐसे बढ़ेगी रोड की चौड़ाई


जलेबी चौक से बस स्टैंड 18 मीटर
मच्छी बाजार से मानसिंगका तक 18 मीटर
घंटाघर से बजरंग चौक तक 12 मीटर
बजरंग चौक से भगतसिंह चौक तक 18 मीटर
टाउन हाल से रेलवे स्टेशन तक 18 मीटर
गिदवानी मार्केट से जैन मंदिर तक 15 मीटर
तीन पुलिया से बड़ाबम चौक 18 मीटर
शिवाजी चौक से शर्मा गैरेज तक 18 मीटर
नगर निगम से मानसिंगका मिल तक 24 मीटर
सराफा बाजार का मार्ग 12 मीटर
बुधवारा बाजार मार्ग 12 मीटर
अनाज मंडी से घासपुरा हिंदी स्कूल 15 मीटर
शिवाजी चौक से कुम्हार बेड़ा 12 मीटर
कुम्हारबेड़ा चौराहा से तीन पुलिया 15 मीटर
शर्मा गैरेज से बड़ाबम चौक तक 18 मीटर
मध्य क्षेत्र से इंदौर नाका तक 36 मीटर
इंदौर नाका से निवेश क्षेत्र सीमा तक 45 मीटर
मानसिंगका मिल से आबना नदी तक 36 मीटर
आबना नदी से निवेश क्षेत्र तक 45 मीटर
एसएन कॉलेज से पीएमएवाई मार्ग 36 मीटर
पीएमएवाई से निवेश क्षेत्र सीमा तक 45 मीटर
रामेश्वर पुलिया से मेडिकल कॉलेज 24 मीटर
मेडिकल कॉलेज जंक्शन से आगे 45 मीटर
नेहरू स्कूल से रेलवे फाटक तक 24 मीटर
रेलवे फाटक से निवेश क्षेत्र सीमा 45 मीटर
पुरानी इंदौर लाइन रोड 30 मीटर

समिति द्वारा किया जाएगा मान्य-अमान्य

मास्टर प्लान के प्रावधानों को लेकर आपत्तियां लगी है। इसे कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति में बैठक के दौरान सुना जाएगा। दावे-आपत्तियों को मान्य या आमन्य करना समिति के क्षेत्राधिकार में है।
कविता नागर, उपसंचालक टीएंडसीपी