खंडवा

ओंकारेश्वर में फिर डूबी जिंदगी… ब्रह्मपुरी घाट पर उत्तराखंड के 60 वर्षीय श्रद्धालु की मौत

-इस माह डूबने से मौत की तीसरी घटना, इस वर्ष अब तक 26 श्रद्धालुओं की जा चुकी है जान -लगातार हादसों के बाद भी तीर्थनगरी के घाटों पर नहीं है सुरक्षा इंतजाम
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Aug 31, 2026
Omkareshwar Drowning
ओंकारेश्वर. नर्मदा तट पर स्नान करते श्रद्धालु। इनसेट में मृतक गोविंद सैनी।

ओंकारेश्वर के नर्मदा घाटों पर श्रद्धालुओं की डूबने से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार सुबह करीब 4.30 बजे ब्रह्मपुरी घाट पर स्नान के दौरान उत्तराखंड निवासी 60 वर्षीय श्रद्धालु की डूबने से मौत हो गई। इस माह डूबने से मौत की यह तीसरी घटना है, जबकि इस वर्ष अब तक 26 लोगों की जान जा चुकी है।

उत्तराखंड से आया था 18 श्रद्धालुओं का दल

प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर क्षेत्र के एक ही मोहल्ले से करीब 18 श्रद्धालु तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर पहुंचे थे। रविवार सुबह सभी श्रद्धालु ब्रह्मपुरी घाट पर नर्मदा स्नान के लिए पहुंचे। इसी दौरान गोविंद पिता रामचंद्र सैनी नर्मदा नदी में डूब गए। घटना के बाद घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं में हडक़ंप मच गया। नाविक राजू केवट और उनके साथियों ने साहस दिखाते हुए डूबे श्रद्धालु को पानी से बाहर निकाला। घाट पर प्राथमिक प्रयासों के बाद उन्हें कंबल की सहायता से ऊपर लाया गया। इसके बाद साथी श्रद्धालु उन्हें स्कूटी से तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टर रवि वर्मा ने जांच के बाद बताया कि श्रद्धालु की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को एंबुलेंस से उनके गृह नगर ले गए। मृतक के साथ उनकी पत्नी, बेटी और बहन भी ओंकारेश्वर आई थीं।

इस माह डूबने की तीसरी घटना

ओंकारेश्वर में अगस्त माह में डूबने से मौत की यह तीसरी घटना है। इससे पहले 18 अगस्त को केवलराम घाट पर उत्तर प्रदेश निवासी 24 वर्षीय शुभ तिवारी की डूबने से मौत हुई थी। इसके बाद 26 अगस्त को गोमुख घाट पर उज्जैन निवासी 18 वर्षीय आकाश रायकवार की डूबने से मौत हो गई थी। अब 30 अगस्त को ब्रह्मपुरी घाट पर उत्तराखंड निवासी 60 वर्षीय श्रद्धालु की जान चली गई।

घाटों पर सुरक्षा रेलिंग लगाने की मांग

महामंडलेश्वर बजरंग दास त्यागी ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नर्मदा घाटों पर ऊंची सुरक्षा रेलिंग लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि रेलिंग से श्रद्धालु नदी में निर्धारित सीमा से आगे जाने से बचेंगे और उन्हें स्नान की सुरक्षित सीमा का भी पता रहेगा। उन्होंने प्रशासन से यह व्यवस्था जल्द लागू करने की मांग की, क्योंकि आने वाले समय में ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की संख्या और बढऩे की संभावना है।

रेड जोन क्षेत्र चिह्नित कर गोताखोरों की तैनाती की मांग

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ग्रामीण अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने नर्मदा घाटों पर रेड जोन क्षेत्र चिह्नित कर वहां स्थायी रूप से गोताखोरों की तैनाती करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आज तकनीक काफी विकसित हो चुकी है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पर भी पर्याप्त राशि खर्च की जानी चाहिए। उन्होंने कलेक्टर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

Updated on:
31 Aug 2026 12:03 pm
Published on:
31 Aug 2026 12:03 pm