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मध्य प्रदेश : पेपर नहीं होंगे आउट…हर प्रश्नपत्र पर होगा वाटर मार्क, लीक होते ही पकड़े जाएंगे

पेपर लीक को लेकर देशभर में हुए बवाल के बीच मध्य प्रदेश शासन ने जेन-जी और जेन-अल्फा के दौर में परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने की कवायद शुरु की है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10 वीं और 12 वीं की त्रैमासिक परीक्षा में नया प्रयोग शुरू किया है। प्रश्नपत्रों पर वाटर मार्क रहेगा। प्रत्येक प्रश्नों पर छह अंकों के मंडल कोड से स्कूलों की पहचान होगी ।
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खंडवा

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Rajesh Patel

Aug 30, 2026

question paper

question paper@ photo ai

पेपर लीक को लेकर देशभर में हुए बवाल के बीच मध्य प्रदेश शासन ने जेन-जी और जेन-अल्फा के दौर में परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने की कवायद शुरु की है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10 वीं और 12 वीं की त्रैमासिक परीक्षा में नया प्रयोग शुरू किया है। प्रश्नपत्रों पर वाटर मार्क रहेगा। प्रत्येक प्रश्नों पर छह अंकों के मंडल कोड से स्कूलों की पहचान होगी ।

प्रश्न पत्रों पर मंडल कोड का होगा वाटर मार्क

जेन-जी और जेन-अल्फा के दौर में परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नया प्रयोग शुरू किया है। अब 10 वीं और 12 वीं की त्रैमासिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों पर खास वाटर मार्क लगाया जाएगा। इसमें प्रत्येक स्कूल का अलग छह अंकों का मंडल कोड दर्ज रहेगा। यदि कोई प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक होता है तो कोड के जरिए संबंधित स्कूल या संस्था तक पहुंचना आसान हो जाएगा।

9 वीं से 12 वीं तक त्रैमासिक परीक्षा 7 सितंबर से

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 7 सितंबर से शुरू होने वाली त्रैमासिक परीक्षा में यह व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। खंडवा जिले में हाई स्कूल और हायर सेकंडरी स्तर के करीब 189 स्कूल हैं। सभी स्कूलों को अलग-अलग मंडल कोड जारी किए गए हैं। इन्हीं कोड को प्रश्नपत्रों पर वाटर मार्क के रूप में अंकित किया जा रहा है। इस व्यवस्था की खास बात यह है कि प्रश्नपत्र दो शेड में तैयार किए जा रहे हैं। प्रत्येक विषय के प्रश्नपत्र पर संबंधित स्कूल का मंडल कोड छिपा होगा।

सोशल मीडिया पर चलते ही स्कूल की होगी पहचान

स्कूलों का प्रश्न पत्र सोशल मीडिया या अन्य माध्यम से बाहर आता है तो उसके वाटर मार्क से यह पता लगाया जा सकेगा कि वह प्रश्नपत्र किस स्कूल के लिए जारी किया गया था। जिला शिक्षा अधिकारी बलवंत पटेल के अनुसार बोर्ड परीक्षा से पहले हर तीसरे माह बच्चों की तैयारी के लिए आंकलन किया जाएगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

सीलबंद लिफाफे में पहुंचेंगे प्रश्नपत्र

त्रैमासिक परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र ऑनलाइन जारी नहीं किए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रण कार्यालय से प्रश्नपत्र सीलबंद लिफाफों में स्कूलों तक भेजे जाएंगे। प्रत्येक विषय का एक प्रश्नपत्र स्कूल को उपलब्ध कराया जाएगा। प्राचार्य अपने स्तर पर प्रश्नपत्रों की आवश्यक फोटोकॉपी कराएंगे। इस दौरान गोपनीयता और सुरक्षा की जिम्मेदारी परीक्षा प्रभारी एवं संबंधित स्कूल प्रबंधन की रहेगी। इससे प्रश्नपत्र की डिजिटल कॉपी पहले से सार्वजनिक होने की आशंका भी कम होगी।

दो पालियों में होगी परीक्षा

त्रैमासिक परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली में 9वीं और 10वीं कक्षा की परीक्षा होगी। दूसरी पाली दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक 11वीं और 12वीं की परीक्षा आयोजित होगी। विद्यार्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले स्कूल बुलाया जाएगा। इस दौरान उन्हें परीक्षा संबंधी आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

पाइंट में समझें : नए वाटर मार्क से क्या सुरक्षा होगी

हर स्कूल के प्रश्नपत्र की अलग पहचान होगी।

छह अंकों के मंडल कोड से संबंधित संस्था का पता चलेगा।

प्रश्नपत्र लीक होने पर जिम्मेदारी तय करने में मदद मिलेगी।

सोशल मीडिया पर वायरल कॉपी का स्रोत खोजा जा सकेगा।

प्रश्नपत्रों की अनधिकृत कॉपी बनाने वालों पर पहचान में आसान होगी।

स्कूल स्तर पर गोपनीयता बनाए रखने का दबाव बढ़ेगा।

जांच के दौरान लीक की कड़ी तक जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी।

इनका कहना : भूपेंद्र सिंह चौहान, परीक्षा नोडल, उत्कृष्ट विद्यालय

त्रैमासिक परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार किए जा रहे हैं। प्रश्नपत्र दो शेड में बनाए गए हैं।स्कूलों को प्रत्येक विषय के प्रश्न पत्र सीलबंद लिफाफा में उपलब्ध कराएं जाएंगे। प्रत्येक विषय के प्रश्नपत्र पर मंडल कोड का वाटर मार्क रहेगा। इससे प्रश्नपत्र लीक होने की स्थिति में संबंधित संस्था की पहचान की जा सकेगी।