
President Draupadi Murmu on World Sickle Cell Awareness Day: विश्व सिकल सेल जागरुकता दिवस के उपलक्ष्य में ओंकारेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस गंभीर स्वास्थ्य चुनौती पर चिंता जताते हुए इसके उन्मूलन के लिए विभिन्न स्तर पर प्रयासरत मध्य प्रदेश सरकार के कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस कार्यक्रम को स्वास्थ्य के क्षेत्र में गंभीर चुनौती का सामना करने में सार्थक प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि विश्व सिकल सेल उन्मूलन अभियान के तहत एमपी ने जो बहुउपलब्धियां हासिल की है, उसके लिए राज्य सरकार की आभारी हूं।
उन्होंने कहा कि 2023 में जब अभियान शुरू किया था। तब जो स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया था, उसे सरकार ने समय से पहले ही पूरा कर लिया है। ये मध्य प्रदेश की छोटी उपलब्धि नहीं है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में पाई जाने वाली गंभीर चुनौतियों के लिए किए जा रहे प्रयासों में यह सबसे बड़ी पहलों में से एक है। इस उपलब्धि में प्रदेश का बड़ा योगदान है। यहां सवा करोड़ से भी ज्यादा की स्क्रीनिंग हो चुकी है। यहां जेनेटिक कार्ड भी दिया गया है। सरकार ने जो प्रयास किए हैं, वो सराहनीय हैं। पीएम ने तीन साल पहले शहडोल से उन्मूलन अभियान शुरू किया था। सरकार का इसे खत्म करने का संकल्प तो समाज के सर्वांगीण विकास को आगे बढ़ाने की संयुक्त सोच थी। देश में पहली बार इस तरह का मिशन शुरू किया गया है। आनुवंशिकता से जुड़ी जागरुकता, प्रीवेंटिव काउंसलिंग कर जेनेटिक कार्ड देने जैसे प्रयास महत्वपूर्ण कदम हैं। यहां आने से पहले मैं कुछ स्टॉल्स को देख रही थी। इसके इलाज के लिए मेडिकल के साथ ही आयुर्वेदिक रिसर्च के बाद इलाज किया जा रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि अब तक 17 राज्यों में स्क्रीनिंग का काम किया जा चुका है। अध्ययनों में पाया गया है कि एमपी और उड़िसा में ज्यादा लोग इस गंभीर बीमारी से पीड़ित है। उन्हें बीमारी का नाम तक पता नही है। जनजातीय लोगों में इसका प्रकोप बहुत ज्यादा है। पहली बार जनजातीय कल्याण, डिजिटल मॉनिटरिंग का कार्यक्रम शुरू किया गया है। सभी राज्यों ने महत्वपूर्ण भागीदारी अदा की है।
जिस आंतरिकता से राज्यपाल ने यह कार्य किया है, जो ग्रसित लोग है उनका उन्मूलन का जो प्रयास किया जा रहा है, तो किसी भी परिवार की पीढ़ियों में समाप्त हो जाएगा। मैं अनुरोध करना चाहती हूं कि जिस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं, उन्हें लगातार बनाए रखें, इसका इलाज है, तो यह बीमारी खत्म जरूर हो जाएगी। इसकी परिकल्पना ने मुझे प्रभावित किया है। विवाह पूर्व काउंसलिंग करना, समय रहते रोग की पहचान, प्रबंधन की समुचित व्यवस्था बनाए रखना, सामुदायिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा रहा है। स्क्रीनिंग का ही परिणाम है कि अब तक ढाई लाख से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। इसके लक्षण नहीं होते इसलिए भविष्य में इसकी गंभीरता का लोगों को पता नहीं होता, माता-पिता को नहीं पता होता कि उनके बच्चों को यह क्यों हो रहा है। लेकिन अब जागरुकता में लगे अधिकारी, मंत्री, पंचायत सदस्य बेहतर काम कर रहे हैं।
17 नवंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चले स्वस्थ नारी, सशक्त नारी के तहत एमपी ने लाखों महिलाओं की स्क्रीनिंग की है। जनजातीय लोगों को परामर्श, उपचार से जोड़ा जा रहा है। दूरगामी क्षेत्रों में मोबाइल टेस्ट करवाए जा रहे हैं। शासकीय, निजी संस्थानों के साथ मिलकर सिकल सेल मित्र तैयार किए गए हैं। जो अभियान से जुड़े हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं। मैं आशा करती हूं कि मध्य प्रदेश में इसके प्रतिमान स्थापित किए जाएंगे।
विश्व सिकल सेल ओंकारेश्वर कार्यक्रम में उपस्थित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ ही मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, विधायकों और उपस्थित जनों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के साथ ही देश और विदेश में सिकल सेल दिवस मनाया जा रहा है। जनजागरुकता, जनभागीदारी, व्यवहार परिवर्तन का कार्यक्रम बनकर उभरा है। यह सामाजिक और सर्वांगीण विकास के लिए यह गंभीर चुनौती है। पीएम ने जनजातीय दिवस गौरव के साथ इसका शुभारंभ किया था। जुलाई 2023 एमपी के शहडोल जिले से इसके उन्मूलन अभियान की शुरुआत की। राज्य सरकार ने इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अब तक एक लाख 32 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग पूरी कर ली है। 2027 तक इसके लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे। 2023 में जब यह अभियान शुरु हुआ तभी से सारे देश में यह अभियान चल रहा है। सारे हिंदुस्तान में 7 करोड़ 21 लाख से ज्यादा लोगों की जांच हो चुकी है। जनजातीय समाज के लिए यह केंद्र और राज्य सरकार का बड़ा कार्य है। इसके इलाज के लिए मेडिकल के साथ ही आयुर्वेद इलाज भी शुरू भी किया है। इसके बेहतर परिणाम मिलेंगे।
अब होम्योपैथी से भी इलाज शुरू करें, तो और बेहतर परिणाम मिलेंगे। यदि युवक युवती दोनों को यह बीमारी है तो शादी न करें। ऐसे कपल के बच्चे होने पर उनमें भी सिकल सेल बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
सिकल सेल के अभियान को लेकर राज्यपाल मंगूभाई पटेल को धन्यवाद देते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदिशंकराचार्य महाराज की तपोभूमि में हम सब निमाड़ के धूनी वाले महाराज, टंट्या मामा के क्षेत्र में यह अद्भुत कार्य है। हम जनजागरुकता से हम ऐसी बीमारी जिसका नाम सुनकर हम भविष्य की बर्बादी करने वाली बीमारी को रोकने के लिए हम फिर से संकल्प कर रहे हैं कि सादगी, शुचिता और संघर्ष की मिसाल राष्ट्रपति के आशीर्वाद से इसके लक्ष्य को पूरा करेंगे। हम हर हाल में भावी पीढ़ी को बचाना हम सभी का उत्तरदायित्व है। जब तक सफलता नहीं मिलेगी हम नहीं रुकने वाले।
हमारी पिछली सरकारों में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, अब 32 हैं। आयुर्वेद से लेकर शिक्षा हर दिशा में बढ़ रहे हैं। आज के इस दौर में जब मैं इस तरफ देखता हूं तो पाता हूं विभाग और पंचायतों ने इस ओर से बेहतर काम किया है। जनजाति महानायकों के नाम पर सरकार कई महत्वपूर्ण काम कर रही है।
सीएम ने कहा कि राज्य स्तर पर हम केवल अस्पताल नहीं, 4 मोर्चों पर इसके लिए लड़ रहे हैं। स्क्रीनिंग, रोग प्रबंधन, सिकल सेल कार्ड बांटे जा रहे हैं, जन जागरुकता की दिशा में भी काम किए जा रहे हैं।
विश्व सिकल सेल अमृत काल का मिशन- उपराष्ट्रपति राजेंद्र शुक्ल
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि, 2023 में पीएम मोदी ने शहडोल में सिकल सेल उन्मूलन अभियान का शुभारंभ किया था। उन्होंने संकल्प लिया था कि 2047 तक यह खत्म करके ही रहेंगे। लगातार मॉनिटरिंग हो रही है। हर दो महीने में राजभवन में मीटिंग होती है। इसमें स्क्रीनिंग से लेकर जागरुकता के कई क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। सीएम लगातार रिव्यु कर रहे हैं। एक करोड़ 32 लाख लोगों में से 2027 के टारगेट को 2026 में एक करोड़ साठ लाख लोगों में इस रोग के होने की संभावना के तहत स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा कर लेंगे। विश्व सिकल सेल अमृत काल का मिशन है।
बता दें की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मध्य प्रदेश के 5 दिवसीय दौरे पर हैं। पहले दिन बैतूल में तो आज ओंकारेश्वर में उनका दूसरा दिन है। वे 22 जून को ग्वालियर से दिल्ली लौट जाएंगी। विश्व सिकलसेल जागरूकता दिवस 2026 के अवसर पर खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू। इस अवसर पर उनके साथ राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, जनजातीय मंत्री और विधायक शामिल हुए।
मुख्यमंत्री सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल मंगूभाई पटेल का स्वागत किया। वहीं उपमुख्यमंत्री ने डॉ. मोहन यादव को शिव प्रतिमा देकर सम्मानित किया। सिकल सेल के शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है, उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों की अध्यक्ष और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।