खंडवा

जनसुनवाई… खंडवा में लंबे समय से परेशान बुजुर्ग अद्र्ध नग्न होकर पहुंचे जनसुनवाई में कलेक्टर के सामने

-कहा -पारिवारिक विवाद बताकर तोड़ दी मेरी दुकान, पड़ोसी ने किया अतिक्रमण -कलेक्टर ने निगम अधिकारियों को दिए मामले की जांच कर, कार्रवाई के निर्देश
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Jul 15, 2026
Public Hearing
खंडवा. जनसुनवाई में अद्र्ध नग्न होकर पहुंचा बुजुर्ग।

अपनी दुकान में पड़ोसी के अतिक्रमण की शिकायत को लेकर लंबे समय से परेशान एक बुजुर्ग मंगलवार को जनसुनवाई में अद्र्ध नग्न होकर पहुंच गया। बुजुर्ग का आरोप था कि निगम द्वारा 10 साल पहले पारिवारिक विवाद बताते हुए उसकी दुकान बंद कर दी। अब पड़ोसी दुकानदार ने उसकी दुकान पर कब्जा कर तीन मंजिला दुकान बना ली है। मामले में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने निगम अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

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कलेक्टर ने अपने कक्ष में बुलाया

जनसुनवाई में आए बुजुर्ग प्रकाशचंद राजाणी ने बताया कि निगम द्वारा उसके साथ गलत किया जा रहा है। शिकायत के बाद भी उसकी दुकान उसे वापस नहीं दी जा रही। पड़ोसी ने उसकी दुकान में तीन मंजिला दुकान बना ली, फिर भी निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की। कलेक्टर ने जन सुनवाई में बुजुर्ग से कहा कि उनके कक्ष में आकर मिले। वहां भी बुजुर्ग बिना शर्ट पहने पहुंचे, तो सुरक्षाकर्मियों ने बुजुर्ग को बाहर कर दिया। हताश बुजुर्ग का कहना था कि कहीं भी न्याय नहीं मिल रहा है। जिसके बाद कलेक्टर ने निगम उपयंत्री को बुलाया और बुजुर्ग की समस्या का समाधान करने को कहा।

पढऩा चाहती है बेटियां, स्कूल नहीं दे रहा एडमिशन

सांवखेड़ा से आई छात्रा अन्नपूर्णा खुमानसिंह, वेदिका गोविंदसिंह, पलक चिरंजीव ने बताया कि उनके गांव में हाई स्कूल नहीं है। सभी ने कक्षा 8वीं पास कर ली और जावर सीएम राइज स्कूल में प्रवेश की परीक्षा भी दी। परीक्षा में पास होने के बाद भी एडमिशन नहीं दिया जा रहा। कह रहे हैं कि उनकी राइटिंग खराब है, 20 अगस्त तक राइटिंग सुधार कर आना। छात्राओं ने बताया कि इतने समय में पढ़ाई का नुकसान हो जाएगा। कलेक्टर ने शिक्षा अधिकारी से छात्राओं के एडिमिशन कराने को कहा।

धरमपुरी के बाहर टांडा में न बिजली, न पानी

ग्राम धरमपुरी पंचायत के बाहर टांडा से आए ग्रामीणों ने बताया कि उनके मोहल्ले में पिछले 40 वर्ष से बिजली नहीं है। इतने ही समय से पेयजल संकट भी झेल रहे हैं। न तो यहां नर्मदा पाइप लाइन डली है, न ही कोई कुआं या हैंडपंप है। ग्रामीणों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। बिजली के कारण विद्यार्थी पढ़ भी नहीं पा रहे। जिससे उनके परीक्षा परिणामों पर भी असर पड़ रहा है। आंगनवाड़ी नहीं होने से नवजात बच्चों का टीकाकरण, बाल कल्याण की योजनाओं का भी लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीण लच्छीबाई, ताराचंद, मोहन, कृष्णा, सुनीता आदि ने समस्याओं के निराकरण की मांग की।

Updated on:
15 Jul 2026 12:12 pm
Published on:
15 Jul 2026 12:10 pm