
Khandwa teenager death case: मध्य प्रदेश के खंडवा में एक परिवार के महानवमी पर्व की खुशियां एकाएक मातम में बदल गई। भंडारे का प्रसाद वितरण करने गया 13 साल का बेटा जब वापस लौटा तो उसकी जान चली गई। छैगांवमाखन में 13 वर्षीय बालक कौशल पिता विनोद कुशवाह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गायत्री मंदिर में आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं को प्रसादी परोसने के बाद बालक घर पहुंचा था। कुछ देर बाद परिजनों ने उसे संदिग्ध परिस्तिथियों में अचेत अवस्था में देखा। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि कौशल अब नहीं रहा।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को नवरात्रि की नवमी पर गायत्री मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया था। कौशल भी अपनी मां के साथ सेवा में जुटा था। मां श्रद्धालुओं को भोजन करा रही थी, जबकि कौशल भोजन परोसने में मदद कर रहा था। बताया जा रहा है कि पहली पंगत में श्रद्धालुओं को भोजन परोसने के कुछ देर तक सेवा की। इसके बाद वह दोपहर करीब एक बजे अचानक मंदिर से घर चला गया। उस समय श्रद्धालुओं को भोजन करा रही मां और घर के सदस्यों को इस बात की भनक बह नहीं थी कि उन पर दुखों का पहाड़ टूटने वाला है। थोड़े समय बाद जब मां और अन्य परिजन घर पहुंचे तो कौशल की संदिग्ध अवस्था में मौत हो चुकी थी। फिलहाल, घटना के कारणों को लेकर कोईभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद पिता और परिजन सदमे में आ गए। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू होने पर पिता ने विरोध करते हुए शव सीधे गांव ले जाने की बात कही। इससे इमरजेंसी वार्ड के सामने भीड़ जमा हो गई। सूचना पर मोघट पुलिस और ग्रामीणों ने परिजनों को समझाइश दी। इसके बाद वे पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। छैगांवमाखन थाना प्रभारी एसएन पांडे ने बताया कि मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। बालक ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।