
जिस बदहाल खंडवा-मूंदी मार्ग पर जनता तीन साल से हिचकोले खा रही है, उस मार्ग पर पहली बार सफर करने पर जिले के प्रभारी मंत्री को भी दचके लगे। बुधवार को मूंदी में सांदीपनि स्कूल का लोकार्पण कर प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी मूंदी से सिहाड़ा तक इसी मार्ग से आए और सिहाड़ा से कोटवाड़ा, एनवीडीए रोड से होते हुए सर्किट हाउस पहुंचे। यहां मंत्री ने मीडिया के सामने कबूल किया कि मार्ग के हाल खराब है। इसके बाद फिर रटा-रटाया जवाब दिया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में ये रोड, जल्द ही बनेगा।
पिछले तीन साल से दो विधानसभाओं के बीच 32.6 किमी जर्जर रोड की कोई सुध ही नहीं ले रहा है। हालात ये है कि इस रोड से खंडवा-मूंदी आने जाने वाले वाहन 10 किमी अधिक का फेरा डालकर कालमुखी, नागचून से आ रहे है। पहले एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से इस रोड का निर्माण होना था, लेकिन बैंक ने हाथ खींच लिए। जिसके बाद इस रोड के लिए पिछले साल अनुपूरक बजट भी मुख्यमंत्री ने स्वीकृत होने की घोषणा की थी। उस घोषणा को भी एक साल बीत चुका है, लेकिन रोड के हाल जस का तस है।
तीन साल से रोड सिर्फ वादों और कागजों में ही बन रहा है। इस दौरान इसकी लागत भी बढकऱ डेढ़ गुना से ज्यादा हो गई है। वर्ष 2024 में इसके लिए 75.60 करोड़ का बजट भी रखा गया था। तीन साल पहले रोड का बजट 75.60 करोड़ था, जो 2025 में 153 करोड़ तक पहुंच गया। इसी साल इसका बजट 188 करोड़ रुपए बताते हुए डीपीआर तैयार करने की बात भी जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई। मांधाता विधायक नारायण पटेल के अनुसार खंडवा-मूंदी रोड के लिए 193 करोड़ की डीपीआर तैयार की जा रही है।
पिछलेे तीन साल में इस रोड के पैंचवर्क पर ही एमपीआरडीसी डेढ़ करोड़ से ज्यादा का खर्च कर चुका है। इसी साल करीब 70 लाख रुपए का पैंचवर्क इस रोड पर करना बताया गया, लेकिन पैंचवर्क कहा हुआ, किसी को नहीं पता। आज भी रोड पर वर्षों पुराने गड्ढे एमपीआरडीसी के पैंचवर्क की पोल खोल रहे हैं। पैंचवर्क की गुणवत्ता को लेकर खंडवा विधायक ने इसका दौरा भी किया था, लेकिन ठेकेदार को कोई फर्क नहीं पड़ा।
मूंदी रोड की हालत वास्तव में बेहद खराब है। इस रोड के लिए मैं स्वयं मुख्यमंत्री से बात करुंगा। उनकी प्राथमिकता में ये रोड है, इसका निर्माण जल्द ही कराया जाएगा।
धर्मेंद्र भावसिंह लोधी, प्रभारी मंत्री