
- पांच रुपए का पुराना नोट बेचने के चक्कर में शिक्षक भी गंवा बैठे हजारों रुपए
- बीमा कंपनी का कर्मचारी बनकर विधवा महिला के साथ की ठगी,
पहला मामला सिविल लाइन क्षेत्र का है, जहां एक विधवा महिला से 69 हजार 997 रुपए की साइबर ठगी हुई। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) में कर्मचारी थे और वर्ष 2024 में उनका निधन हो गया था। एक जुलाई को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को बीमा कंपनी का कर्मचारी बताते हुए महिला और उनके दिवंगत पति का नाम लिया, जिससे महिला को उस पर विश्वास हो गया। आरोपी ने बीमा पॉलिसी पर बोनस मिलने की बात कहकर चार अलग-अलग क्यूआर कोड भेजे और रकम जमा करने के लिए कहा। महिला ने तीन बार 14 हजार 999 रुपए और एक बार 25 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठगी का अहसास होने पर उन्होंने शिकायत दर्ज कराई।
पांच रुपए का पुराना नोट बेचने के चक्कर में गवाए 93 हजार 700 रुपए
- सरकारी स्कूल के अध्यापक के साथ सायबर ठगी
दूसरा मामला खड़कपुरा क्षेत्र के 55 वर्षीय सरकारी शिक्षक से जुड़ा है, जो ग्राम भामगढ़ के प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ हैं। उन्होंने फेसबुक पर पुराने नोट और सिक्के खरीदने का विज्ञापन देखकर अपने पास रखा पांच रुपए का पुराना नोट बेचने के लिए संपर्क किया। आरोपी ने अपना नाम ज्ञानी बताया और दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से क्यूआर कोड भेजे। अधिक कीमत मिलने की उम्मीद में शिक्षक ने बताए अनुसार भुगतान कर दिया। इस तरह उनसे 93 हजार 700 रुपए की ठगी कर ली गई।
- दोनों ही मामलों में प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। सायबर सेल की मदद से आरोपियों के बैंक खातों का पता लगा रहे हैं। - प्रवीण आर्य, कोतवाली थाना प्रभारी।