8 टरबाइन चलाकर भर रहे सरदार सरोवर बांध, इंदिरा सागर का 0.40 मीटर कम हुआ जलस्तर,16 टरबाइन से 1520 मेगावाट बिजली उत्पादन
खंडवा. गुजरात में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध को भरने के लिए इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर से पानी छोड़ा जा रहा है। इसके लिए लगातार 16 टरबाइन चलाई जा रही हैं। इनसे नर्मदा में 1840 क्यूमेक्स (क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड) की गति से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नर्मदा का बहाव काफी तेज हो गया है। पानी छोडऩे से जहां इंदिरा सागर का जलस्तर कम हो रहा है, वहीं ओंकारेश्वर में बहाव तेज हो गया है। दोनों बांधों से करीब 1520 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर सरदार सरोवर बांध का शुभारंभ करेंगे। इधर सामजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर की अगुवाई वाला नर्मदा बचाओ आंदोलन बिना पूरे पुर्नवास और मुआवजे के इस बांध को पूरा भरने का विरोध कर रहे हैं। बुधवार की शाम छह बजे 252.41 इंदिरा सागर बांध का जलस्तर था। बीते 48 घंटे में इंदिरा सागर बांध में 40सेमी पानी कम हुआ है।
सरदर सरोवर को भरने में 24 घंटे में इंदिरा सागर 0.20 मीटर खाली हो गया है। इंदिरा सागर का सोमवार की शाम का जल स्तर 252.61 मीटर था। जबकि मंगलवार शाम को 252.61 मीटर रह गया। ओंकारेश्वर का लेबल 191 मीटर पर ही बना हुआ है। जबकि दोनों की आठ-आठ टरबाइन चल रही हैं। इससे बिजली के उत्पादन के साथ ही पानी का बहाव भी बढ़ गया है।
16 टरबाइन से हो रहा उत्पादन
इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर में कुल आठ-आठ टरबाइन लगाई गई हैं। इसमें ओंकारेश्वर बांध में 65 मेगावाट के 8 टरबाइन से 520 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाता है। जबकि इंदिरा सागर में 125 मेगावट की आठ टरबाइन लगी हुई हैं। इससे 1000 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। इस तरह देानों को मिलाकर 1720 मेगावाट बिजली का उत्पादन लगातार किया जा रहा है।
सिंगाजी में दिन में एक और रात में चल रही दो यूनिट
गर्मी और तापमान के बढऩे के चलते बिजली की खपत बढ़ गई है। एेसे में सिंगाजी थर्मल पॉवर प्लांट से भी बिजली उत्पादन किया जा रहा है। दिन के समय एक यूनिट 300 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रही है। जबकि शाम को दोनों यूनिट से बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। इससे रात के समय 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
घाटों पर तैनात किए होमगार्ड के जवान
पितृपक्ष में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओंकारेश्वर में अपने पितरों को जल देने और भोलेनाथ के दर्शन करने आ रहे हैं। एेसे में घाटों पर स्नान करने वालों की भीड़ लगी हुई है। वहीं टरबाइन से पानी भी छोड़ा जा रहा है। इससे ओंकारेश्वर में नर्मदा का जल स्तर काफी बढ़ गया है। इसे देखते हुए घाटों पर सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी गई है। होमगार्ड और पुलिस विभाग के जवान निरंतर घाटों पर सर्चिंंग करके पानी में नहीं जाने की सलाह दे रहे हैं।