खंडवा

ये कैसा वीआइपी प्रोटोकॉल?.. ओंकारेश्वर मंदिर में शीघ्र दर्शन के नाम पर चल रहा ठगी का खेल

-वीआइपी दर्शन के नाम पर ठगी को रोक नहीं पा रहे अधिकारी -कर्मचारियों की मिलीभगत से कोई न कोई श्रद्धालु रोज ठगा रहा -कई बार कार्रवाई के बाद भी अब तक नहीं सुधरी व्यवस्थाएं
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Jul 09, 2026
Omkareshwar darshan
खंडवा. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग।

तीर्थनगरी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे है। मंदिर परिसर में वीआइपी दर्शन के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। लगातार मामले उजागर होने के बाद संबंधितों पर कार्रवाई भी हो रही है, लेकिन यहां वीआइपी प्रोटोकॉल में लगे अधिकारी फिर भी इस खेल को रोक पाने में असमर्थन नजर आ रहे है। जिससे प्रबंधन की विश्वसनियता पर भी सवाल उठ रहे है।

दो आरक्षक लाइन अटैच, अन्य दो जेल गए

ताजा मामला राजस्थान के 11 श्रद्धालुओं से वीआइपी दर्शन के नाम पर यहां मौजूद आरक्षक और मंदिर सुरक्षा गार्ड सहित फोटोग्राफर द्वारा 13200 रुपए की वसूली का है। इस मामले को पहले छुपाने की कोशिश की गई, जब उजागर हुआ तो प्रोटोकॉल दर्शन अधिकारी डिप्टी कलेक्टर मुकेश काशिव ने कार्रवाई कराई है। इस मामले में दो आरक्षकों धर्मेंद्र और अमन को पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने लाइन अटैच कर दिया है। वहीं, नायब तहसीलदार उदय मंडलोई की सूचना पर मांधाता पुलिस ने एक सुरक्षाकर्मी सुरेश मोरे और स्थानीय फोटोग्राफर सचिन अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजा है। मामले में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने भी जांच के लिए कहा है।

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पहले भी उजागर हुए कई मामले

तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में ये पहला मामला नहीं है, जिसमें सुरक्षाकर्मियों, पुलिसकर्मियों की भूमिका वीआइपी दर्शन के नाम पर ठगी करना पाया गया है। इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके है। करीब दो माह पूर्व ही 10 मई का वीआइपी दर्शन के रिस्ट बैंड (कलाई पर पहनाने वाले बेल्ट) की कालाबाजारी का मामला सामने आया था। यहां रिस्ट बैंड को यहां लगे कर्मचारी ने ही रीप्रिंट कर अन्य श्रद्धालु को बेचा था। इसी दिन वीआइपी बुकिंग कराने वाले श्रद्धालुओं की वीआइपी आइडी को अन्य श्रद्धालुओं को बेचने का मामला भी पकड़ में आया था। दोनों मामलों में चार लोगों पर कार्रवाई हुई थी।

ओंकारेश्वर और ममलेश्वर दोनों जगह ठग सक्रिय

वीआइपी दर्शन के नाम पर ओंकारेश्वर और ममलेश्वर मंदिर दोनों ही जगह ठग सक्रिय है। 17 मई को ओंकारेश्वर में वीआइपी दर्शन के नाम पर ओडिशा के 17 श्रद्धालुओं से 6800 रुपए ऑनलाइन ेकर पंडित गायब हो गया था। वहीं, 9 जून को तो प्रशासन ने स्वयं स्टिंग करवाकर ममलेश्वर मंदिर में वीआइपी दर्शन के नाम पर ठगी को उजागर किया था। इस मामले में एक होमगार्ड जवान को निलंबित किया गया था। जबकि ठगी के खेल में शामिल दो पंडों पर धारा 151 के तहत कार्रवाई कर जेल भेजा गया था।

मामले की होगी निष्पक्ष जांच

पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिस्टम को और बेहतर करने के प्रयास जारी हैं।
ऋषव गुप्ता, कलेक्टर

Updated on:
09 Jul 2026 12:04 pm
Published on:
09 Jul 2026 12:04 pm