खरगोन. जिला अस्पताल खरगोन में 23 साल से संचालित ब्लड बैंक में पहली बार सबसे ज्यादा रक्त का संग्रहण वर्ष 2025 में हुआ है। जिला अस्पताल को इसके लिए 17 हजार यूनिट रक्त संग्रहण का लक्ष्य मिला था। सालभर में यहां 16598 लोगों ने रक्तदान किया।
खरगोन. जिला अस्पताल में 23 सालों से संचालित ब्लडबैंक में पहली बार 2025 में सबसे ज्यादा ब्लड का संग्रहण हुआ है। शासन स्तर से बैंक को 17 हजार यूनिट रक्त संग्रहण का लक्ष्य मिला था। इसके एवज में यहां 16598 डोनर्स ने रक्तदान किया और जरूरतमंदों की मदद की। लक्ष्य के एवज में संग्रहण का यह आंकड़ा प्रदेश में जिला अस्पतालों की फेहरिश्त में सबसे टॉप पर है। क्षमता अनुरूप रक्त संग्रहण होने से यहां के मरीजों को समय पर ब्लड तो उपलब्ध कराया ही है, अन्य अस्पतालों को भी मदद पहुंचाई है।
ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. विनयसिंह चौहान व सचिन चौहान ने बताया वर्ष 2025 में 31 दिसंबर तक कुल 16598 लोगों ने रक्तदान किया। इसमें 19569 पुरुष व 502 महिला रक्तदाता शामिल हैं। सालभर में कुल 129 कैंप लगे हैं, जहां से 4877 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ है।
ब्लड बैंक से सालभर में सिकलसेल के 1710, थेलेसिमिया के 741, कैंसर के 111, एक्सीडेंट के 88, गर्भवती महिलाओं के 872 व अन्य समस्याओं से जुझ रहे 1692 लोगों को रक्तदान किया गया। इसमें संबंधितों से रक्त के बदले रक्त नहीं लिया। यह बगैर रिपलेसमेंट मदद दी गई।
वर्ष रक्तदान (यूनिट में)
2017 10998
2018 10838
2019 10219
2020 8138
2021 8374
2022 12611
2023 12865
2024 14226
2025 16598
(जानकारी ब्लड बैंक के अनुसार)
वर्ष 2025 मे जरूरत पडऩे पर सिकलसेल एनिमिया और थेलेसिमिया से ग्रसित मरीजों के लिए एमव्हाय अस्पताल के ब्लड बैंक अधीक्षक व संयुक्त संचालक डॉ. अशोक यादव के सहयोग से 463 यूनिट ब्लड खरगोन को मिला, जबकि खरगोन ब्लड बैंक द्वारा सिकलसेल, एनिमिया और थेलेसिमिया से ग्रसित मरीजों के लिए 114 यूनिट निगेटीव ब्लड ग्रुप दिया। ऐसे ही मरीजों के लिए ब्लड बैंक बड़वानी को 192, स्टोरेज सेंटर बड़वाह और महेश्वर को 88 यूनिट ब्लड दिया।
जानकारी के अनुसार ब्लड बैंक के पास अब तक डोनर की हिस्ट्री तो है मगर अब ऐसे लोगों का भी डाटा उपलब्ध होगा जिन्हें ब्लडबैंक से ब्लड उपलब्ध कराया है। इसके लिए ब्ल्ड ट्रांफ्यूजन बेड साइड प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू होगा। पायलेट प्रोजेक्ट में खरगोन सहित शहडोल और उज्जैन को रखा है। सिविल सर्जन डॉ. राजकुमारी देवड़ा ने आमजन से अपील की है कि रक्तदान के आगे आए। विशेष अवसर शिविर लगाकर सामाजिक सरोकार की भूमिका निभाए।