खरगोन

एमपी में भ्रष्टाचार ‘आउट ऑफ कंट्रोल’, 10 लाख लेकर 50 हजार की मूर्ति लगाने वाला ब्लैक लिस्टेड

Tantya Mama Statue Scam: पीआइसी की बैठक मचा हंगामा, टंट्या मामा भील की प्रतिमा का मुददा उठने के बाद कार्रवाई, कांग्रेस ने लगाए भ्रष्टाचार का आरोप...
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Jan 14, 2026
Tantya Mama Bheel Fibre Statue SCAM
Tantya Mama Bheel Fibre Statue SCAM: खरगोन के टंट्या मामा भील चौराहे पर लगी 50 हजार रुपए की फाइबर की प्रतिमा (photo:patrika)

Tantya Mama Statue Scam: आदिवासी गौरव और स्वतंत्रता संग्राम के नायक क्रांति सूर्य टंट्या मामा भील की प्रतिमा को लेकर खरगोन जिले में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। स्थिति ये आई कि प्रतिमा बनाने वाले ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया। शहर के बिस्टान नाका चौराहे पर लगने वाली टंट्या मामा की प्रतिमा के निर्माण में ही भ्रष्टाचार के मामले ने शर्मसार कर दिया।

ये मामला दर्शाता है कि एमपी में भ्रष्टाचार कितना आउट ऑफ कंट्रोल हो गया है। दरअसल ठेकेदार ने 10 लाख रुपए लेकर धातु की जगह फाइबर की 50 हजार रुपए की प्रतिमा बना दी। मामले का खुलासा होते ही निगम ने बड़ा एक्शन लिया और ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड कर दिया। वहीं PIC की बैठक में इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई। कांग्रेस ने प्रतिमा को लेकर बीजेपी को भी घेरा और इसके निर्माण को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

संगमरर या धातु की बनानी थी प्रतिमा

निगम परिषद खरगोन ने पिछले दिनों टंट्या मामा की प्रतिमा लगाने का टेंडर जारी किया था। टेंडर शर्त में प्रतिमा को धातु या पत्थर की लगाई जाना तय किया था। ठेकेदार की ओर से प्रतिमा फाइबर की बना दी गई। इसे लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रवि नाइक प्रतिनिधि मंडल के साथ कलेक्टर भव्या मित्तल से ​शिकायत दर्ज की ​थी। बताया गया कि विज्ञप्ति में धातु या पत्थर की प्रतिमा लगाए जाने के लिए निकाली गई थी। कलेक्टर ने भी परिषद को पत्थर या धातु की मूर्ति लगाने का निर्देश दिए थे। नगर पालिका ने विज्ञप्ति के बाद पिनाक ट्रेडिंग कंपनी खरगोन से 9 .90 लाख में टंट्या मामा की मूर्ति खरीदी गई।

2022 में हुआ एलान 2025 में लगाई मूर्ति

बता दें कि दिसंबर 2022 में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिस्टान नाका चौराहे का नाम बदल कर टंट्या मामा भील करने और इस चौराहे पर प्रतिमा लगाने का एलान किया था। इसी क्रम में 15 नवंबर 2025 को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर नगर पालिका ने खरगोन द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मूर्ति का लोकार्पण किया गया था। चौराहे को आधिकारिक रूप से टंट्या मामा चौराहा भी कहा जाने लगा।

लेकिन लोकार्पण के बाद से ही शुरू प्रतिमा के फाइबर की होने की शिकायतें मिलीं। FRP की निकली इस प्रतिमा को लेकर नगर पालिका के मुख्य नगर अधिकारी (CMO) ने सहायक यंत्री और उपयंत्री को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर ने कहा कि ठेकेदार को अपने खर्च पर नई मूर्ति स्थापित करने को भी कहा गया था।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस ने सवाल उठाए कि जब प्रतिमा स्थापित की गई तो, इसका भौतिक सत्यापन किया गया होगा, तब इस ओर किसी ने ध्यान क्यों नहीं दिया? यह मुददा पीआइसी की बैठक में भी उठा। सीएमओ कमला कोल ने बताया टंट्या मामा की फाइबर की मूर्ति की जगह धातु की प्रतिमा ही स्थापित होगी।

ठेकेदार ने स्वीकार किया हुई गलती

मामले में ठेकेदार ने स्वीकार किया कि उससे गलती हुई है। उसने इसके लिए माफी पत्र भी सौंपा और भावनाएं आहत करने के लिए खेद भी जताया था।

अब नये सिरे से जारी होगा टेंडर

इसके लिए अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया होगी और आगामी चार माह में प्रतिमा लगाना तय हुआ है। पूरे मामले में पूर्व एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड किया है। भौतिक सत्यापन में चूक पर दो इंजीनियर्स को शोकाज नोटिस भी दिए गए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं मिले तो विभागीय जांच कराई जाएगी।

Updated on:
14 Jan 2026 04:30 pm
Published on:
14 Jan 2026 04:30 pm