60 किलो वॉट, सौर ऊर्जा संयत्र स्थापित, संयत्र से हर दिन तीन सौ यूनिट विद्युत का उत्पादन
अमित काकड़ा. मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर). राजकीय यज्ञनारायण चिकित्सालय सोलर एनर्जी के मामले में स्मार्ट हो गया है। अस्पताल अब सौर ऊर्जा से रोशन होने लगा है। इसकी शुरुआत से अस्पताल को इस वर्ष लाखों रुपए की बचत होगी। अस्पताल में जून महीने से 60 किलो वॉट, सौर ऊर्जा संयत्र स्थापित करने की शुरुआत हुई थी। अगस्त में संयत्र का कार्य पूरी तरह समाप्त हो गया। अस्पताल में संयत्र की टेस्टिंग की गई। इस संयत्र से हर दिन तीन सौ यूनिट विद्युत का उत्पादन होगा। इसकी लागत तीन रुपए बीस पैसे आएगी जो अस्पताल को वर्तमान में सप्लाई की जा रही विद्युुत की दर के आधे से भी कम है। इससे अस्पताल को हर महीने हजारों रुपए की बचत होगी। साल में यह बचत लाखों में पहुंच जाएगी।
आधे से भी कम है दर
एवीवीएनएल की ओर से अस्पताल में वर्तमान सात रुपए प्रति यूनिट की दर से बिल बनाया जा रहा है। सौर ऊर्जा की प्रति यूनिट की दर तीन रुपए बीस पैसे है। जो एवीवीएनएल की दर के आधे से भी कम है।
हर महीने नौ हजार यूनिट उत्पादन
यज्ञनारायण अस्पताल में 60 केवी का सोलर प्लांट लगाया गया है। इसकी क्षमता तीन सौ यूनिट प्रतिदिन है। एक महीने में नौ हजार यूनिट का उत्पादन होगा।
पहले बिल में ही दस हजार की बचत
सौर ऊर्जा की शुरुआत से ही अस्पताल को बचत होनी प्रारंभ हो गई है। अस्पताल में 21 सितम्बर से 31 सितम्बर तक के बिल में करीब इकतीस सौ यूनिट खर्च बताई गई है।
सालभर में बचेंगे लाखों रुपए
अस्पताल में हर महीने लाखों रुपए विद्युत बिल चुकाने में ही खर्च हो जाते हैं। गर्मियों के दिनों बिजली का बिल काफी ज्यादा आता है, लेकिन सौर ऊर्जा से बिल में राहत मिलेगी।
बढ़ सकता है दायरा
अस्पताल में फिलहाल तो सौर ऊर्जा का प्रयोग शुरू हुआ है, लेकिन आने वाले समय में इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है।
अस्पताल में उपभोग हुई बिजली
अप्रेल 2019 : 17365
मई 2019 : 36000
जून 2019 : 41220
जुलाई 2019 : 40000
अगस्त 2019 : 41178
इनका कहना है
सौर ऊर्जा संयत्र शुरू हो गया है। इससे बिजली की लागत में कमी आएगी। साथ में बिजली कटौती से भी निजात मिलेगी।
डॉ. अशोक जैन, पीएमओ राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल