
Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन लियो (MV Golden Leo) पर रूसी हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया। भारत सरकार ने इसकी पुष्टि करते हुए हमले की कड़ी निंदा की है और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, रविवार रात (19 जुलाई) यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए मालवाहक जहाज पर हमला हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 5 भारतीय नागरिक शामिल थे। इस हमले में चार भारतीयों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज चल रहा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत का यूक्रेन स्थित दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
हमले में जान गंवाने वालों में केरल के कासरगोड जिले के वेल्लारिक्कुंडु निवासी 26 वर्षीय अखिल जॉयन भी शामिल हैं। वें एक साधारण परिवार से थे। अखिल पिछले छह वर्षों से मर्चेंट नेवी में नाविक के तौर पर काम कर रहा था। उसके परिचितों का कहना है कि अखिल बेहतर भविष्य के लिए जल्द नौकरी बदलने की योजना बना रहा था। उसकी दो महीने बाद शादी तय थी।
परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, अखिल अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। उसके पिता जॉयन एक बिजली की दुकान में काम करते हैं, जबकि मां सैली बीमा एजेंट हैं। हाल ही में परिवार ने नया घर बनवाया था और अखिल की शादी करीब दो महीने बाद होने वाली थी। उनकी मंगेतर अलप्पुझा जिले की रहने वाली हैं।
अखिल 19 वर्ष की उम्र में मर्चेंट नेवी में शामिल हुए थे। बलाल ग्राम पंचायत के वेल्लारिक्कुंडु वार्ड सदस्य शोबी जोसेफ ने बताया कि अखिल अपने शांत स्वभाव, अनुशासन और खेलों, खासकर रस्साकशी (Tug of War) में रुचि के कारण इलाके में काफी लोकप्रिय था। लगभग तीन महीने पहले वह सगाई के लिए घर आया था और एक महीने पहले ही दोबारा ड्यूटी पर लौटा था।
अखिल के परिवार को सोमवार शाम शिपिंग कंपनी की ओर से ईमेल भेजकर इस दुखद घटना की सूचना दी गई। परिवार अब पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संपर्क में है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन ने दावा किया कि उसके तट के करीब पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मालवाहक जहाज पर रूसी सेना ने हमला किया। जहाज में यूक्रेन का मक्का लदा हुआ था और जहाज जैसे ही ओडेसा बंदरगाह से निकला, उस पर हवाई हमला किया गया। इस हमले में कुल 10 चालक दल के सदस्यों की मौत हुई, जिनमें 4 भारतीय और 5 सीरियाई नाविक शामिल है। वहीं, अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि व्यापारी जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष नागरिक चालक दल की जान खतरे में डालना और समुद्री व्यापार एवं शिपमेंट की स्वतंत्रता को बाधित करना बेहद निंदनीय है। मंत्रालय ने मृत भारतीय नागरिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।