
केरल के मंदिर परिसर में उगे गांजा के पौधे (प्रतिकात्मक तस्वीर)
Kerala News: केरल के कोट्टायम जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक स्थानीय मंदिर के अंदर गांजे (मारिजुआना) के पौधे उगे मिले है। यह मामला जिले के मणिकंदापुरम श्रीकृष्ण स्वामी मंदिर में सामने आया है। मंदिर में दो संदिग्ध पौधे देखे जाने पर कर्मचारियों ने पुलिस को मामले की सूचना दी जिसके बाद प्रवर्तन और एंटी नारकोटिक स्पेशल स्क्वाड की टीम ने मौके पर पहुंच कर पौधों को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार यह दोनों पौधे मंदिर के अंदर एक ढके हुए रास्ते के पास उगे हुए मिले थे।
राज्य में चल रहे नशा विरोधी अभियान के बीच यह मामला सामने आने के बाद एक्साइज विभाग ने जांच तेज कर दी है। ऑपरेशन थंडर नामक यह अभियान राज्य एक्साइज विभाग और गृह विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य राज्य में नशे के पदार्थों के उपयोग और तस्करी पर रोक लगाना है। जांच टीम का नेतृत्व एक्साइज प्रवर्तन एवं एंटी नारकोटिक स्पेशल स्क्वाड इंस्पेक्टर दर्शक आर ने किया। अधिकारियों ने बताया कि बरामद दोनों पौधों में एक की ऊंचाई 15.5 सेंटीमीटर और दूसरे की 13 सेंटीमीटर है। प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि ये पौधे किसी व्यक्ति द्वारा फेंके गए गांजे के कचरे से अपने आप उग गए है। फिलहाल पौधों को सुरक्षित जब्त कर लिया गया है और प्रयोगशाला जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मई महीने में मंदिर में वार्षिक उत्सव आयोजित हुआ था, जिसमें लोगों को बिना गहरी जांच के मंदिर के अंदर प्रवेश करने दिया जा रहा था। अधिकारियों को संदेह है कि उसी दौरान किसी व्यक्ति ने गांजा का सेवन किया होगा और उसके अवशेष मंदिर परिसर में फेंक दिए गए होंगे। बारिश और नमी के कारण वहां से अपने आप पोधे उग गए होंगे। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परिसर में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की अनुमति नहीं है और कर्मचारियों ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत सूचना दी। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा तेज हो गई है और प्रशासन ने मंदिर परिसर की निगरानी बढ़ा दी है।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केरल को नशा मुक्त राज्य बनाना है। गृह मंत्रालय स्वास्थ्य विभाग, एक्साइज विभाग और शिक्षा विभाग के सहयोग से युवाओं को जागरूक करने का काम कर रहा है। सरकार का मानना है कि नई पीढ़ी को नशीले पदार्थों से दूर रखने के लिए सामाजिक जागरूकता और सख्त कार्रवाई दोनों जरूरी हैं। इस घटना के बाद ऑपरेशन थंडर अभियान को और तेज करने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
Updated on:
20 Jun 2026 04:56 pm
Published on:
20 Jun 2026 04:46 pm
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