कोलकाता

बागेश्वर बाबा की तस्वीर जलाने पर भड़के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, पुलिस आयुक्त को आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश

Bageshwar Baba: कोलकाता के भवानीपुर थाने के बाहर बागेश्वर बाबा की तस्वीर जलाने के मामले में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कोलकाता पुलिस आयुक्त को घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।
2 min read
Sep 10, 2026
Bageshwar Baba Suvendu Adhikari
बागेश्वर बाबा और सुवेंदु अधिकारी। फोटो- आईएएनएस

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को कोलकाता पुलिस आयुक्त को दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर थाने के बाहर प्रदर्शन के दौरान बागेश्वर बाबा की तस्वीर कथित तौर पर जलाने वाले लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए यह निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक संत की तस्वीर जलाने की घटना को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

प्रदर्शन के दौरान जलाई तस्वीर

मुख्यमंत्री का यह बयान बागेश्वर बाबा की हाल की लीलुआ यात्रा के दौरान दुर्गा पूजा के समय बंगालियों के खान-पान और रीति-रिवाजों को लेकर की गई टिप्पणियों से शुरू हुए राजनीतिक विवाद के बीच आया है। इन टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने विरोध जताया था। इसी विरोध के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भवानीपुर थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान बागेश्वर बाबा की तस्वीर जलाने की घटना सामने आई। विधानसभा में मुख्यमंत्री ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि बागेश्वर बाबा ने अपनी धार्मिक मान्यताओं के साथ देशभक्ति, राष्ट्रवाद और अखंड भारत की अवधारणा पर भी अपनी बात रखी थी।

बयान का किया बचाव

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उन्होंने अपनी परंपरा और संस्कृति के बारे में बात की है। उन्होंने किसी पर अपनी बात थोपने की कोशिश नहीं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बावजूद भवानीपुर थाने के सामने उनकी तस्वीर जलाने की घटना हुई। उन्होंने विधानसभा में कहा कि वह कोलकाता पुलिस आयुक्त को इस मामले में शामिल लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजर है।

तुष्टिकरण की राजनीति का दौर अब खत्म

उन्होंने कहा कि राज्य में तुष्टिकरण की राजनीति का दौर अब खत्म हो चुका है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों को साधु-संतों और भगवा रंग का अपमान करने से पहले सोचने की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था और परंपराओं को लेकर राजनीतिक विरोध अपनी जगह हो सकता है, लेकिन किसी धार्मिक व्यक्ति का अपमान करने या उसकी तस्वीर जलाने जैसी घटनाओं को उचित नहीं ठहराया जा सकता। दरअसल, बागेश्वर बाबा ने दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार से बचने की सलाह दी थी। उनकी इस टिप्पणी के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। विपक्षी दलों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भवानीपुर थाने के बाहर प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई। इसी दौरान उनकी तस्वीर जलाने का आरोप सामने आया।

Updated on:
10 Sept 2026 09:25 pm
Published on:
10 Sept 2026 09:25 pm
Also Read
View All
पश्चिम बंगाल में अब विश्वविद्यालय के शिक्षकों-कर्मचारियों का तबादला कर सकेगी शुभेंदु सरकार, विधानसभा में पास हुआ बिल

ममता बनर्जी की श्रीरामपुर सभा को हाईकोर्ट की सशर्त मंजूरी, रैली पर रोक, 2 हजार से ज्यादा लोग नहीं जुट सकेंगे

बंगाल में चुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव, 263 सदस्यों वाली ‘जंबो टीम’ का ऐलान, शुभेंदु और मजूमदार को मिली ये बड़ी कमान

चुनाव बाद हिंसा पर मानवाधिकार आयोग पहुंची TMC, कुणाल घोष बोले- BJP के अत्याचार से हमारे हजारों कार्यकर्ता बेघर

नागा साधुओं संग सीएम शुभेन्दु अधिकारी की ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’, बोले- ये विवेकानंद की धरती, भगवा का अपमान बर्दाश्त नहीं