
Anubrata Mondal: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के बाहुबली नेता अनुब्रत मंडल की मौजूदगी में पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना के एक दिन बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने उन पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि ‘बीरभूम का टाइगर अब बिल्ली बन गया है।’ उनके इस बयान को विधानसभा चुनाव के बाद मंडल के राजनीतिक प्रभाव में आई कथित कमी से जोड़कर देखा जा रहा है।
मीडिया से बातचीत में दिलीप घोष ने कहा कि राजनीति ऐसी ही होती है। कभी कोई ऊपर होता है तो कभी नीचे। अगर किसी को सत्ता मिलती है तो उसे उसका सही इस्तेमाल करना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस के दौर में सत्ता का दुरुपयोग किया गया। लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। उन्हें अपने गलत कामों का परिणाम भुगतना पड़ेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा के जरिए किसी से बदला नहीं लिया जा सकता। बता दें कि बुधवार रात अनुब्रत मंडल बीरभूम जिले के सूरी स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान तीन युवकों ने मोटी लकड़ियों और डंडों से पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ शुरू कर दी। उस समय मंडल कार्यालय के अंदर अपनी कुर्सी पर बैठे हुए थे।
युवकों ने कार्यालय में सामान को नुकसान पहुंचाया और उन्हें उनके पुराने कथित अत्याचारों को लेकर धमकी भी दी। युवकों ने दावा किया कि उनका किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है। हालांकि पुलिस की ओर से उन्हें वहां से ले जाते समय उन्होंने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि जय श्री राम भाजपा का नारा नहीं है। भारत में हर व्यक्ति ‘जय श्री राम’ कह सकता है। प्रशासन बता सकता है कि यह घटना किसने की। मुझे नहीं लगता कि अनुब्रत मंडल को कोई गंभीर चोट लगी है, लेकिन यह सच है कि जो कभी ‘बीरभूम का टाइगर’ था, वह अब बिल्ली बन गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में गुरुवार सुबह उन्हें रिहा कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, मंडल की ओर से इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। तृणमूल कार्यालय में तोड़फोड़ का जिक्र करते हुए दिलीप घोष ने अपने पुराने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि मैं 10 साल तक बीरभूम में कोई सभा नहीं कर सका। पुलिस अनुमति नहीं देती थी। एक बार गलती से अनुमति मिल गई। उस समय दूसरी जगह से पानी लाकर सभा स्थल पर डाल दिया गया था।
उन्होंने कहा कि हालिया विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा राज्य में सत्ता में आई है और बीरभूम में पार्टी को सबसे अधिक वोट मिले हैं। उन्होंने कहा कि लोग सब कुछ रातों-रात नहीं भूलेंगे, लेकिन राज्य में शांति बनाए रखना और बंगाल का विकास करना जरूरी है। बता दें कि विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद पहली बार अनुब्रत मंडल बुधवार को सूरी स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे। वह सूरी पुराने बस स्टैंड के पास स्थित पार्टी कार्यालय में स्थानीय नेतृत्व से बातचीत करने और वहां की स्थिति का जायजा लेने गए थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया।