
मर्चेंट चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्री (एमसीसीआई) के नए अध्यक्ष विशाल झाझरिया हुगली जिले के सिंगुर से टाटा सन्स की नैनो कार परियोजना के जाने को बंगाल में निवेशकों के डरने का कारण नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में नए निवेश नहीं आने के लिए सिंगुर से टाटा का चला जाना कभी भी मुद्दा नहीं था और न ही रहेगा। बंगाल में निवेशकों में ट्रेड यूनियन का भय समाया हुआ था। राज्य में ममता बनर्जी की सरकार बनने के बाद बंद और श्रमिक समस्या लगभग समाप्त हो गई है। राज्य में उद्योग हितैषी माहौल तैयार हो रहा है। यह निवेश के लिए बेहतर गंतव्य स्थल बन गया है। फिर भी यहां निवेश को ले कर उनमें डर व्याप्त है।
कोलकाता
पश्चिम बंगाल में औद्योगिक माहौल बदल रहा है, राज्य के प्रति लोगों की सोच बदल रही है। इसके बावजूद निवेशक अब भी यहां निवेश करने से डर रहे हैं। ये बातें मर्चेंट चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्री (एमसीसीआई) के नए अध्यक्ष विशाल झाझरिया ने बुधवार को कही। हालांकि वे हुगली जिले के सिंगुर से टाटा सन्स की नैनो कार परियोजना के जाने को बंगाल में निवेशकों के डरने का कारण नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में नए निवेश नहीं आने के लिए सिंगुर से टाटा का चला जाना कभी भी मुद्दा नहीं था और न ही रहेगा। बंगाल में निवेश करने को लेकर निवेशकों में ट्रेड यूनियन का भय समाया हुआ था। राज्य में ममता बनर्जी की सरकार बनने के बाद बंद और श्रमिक समस्या लगभग समाप्त हो गई है। राज्य में उद्योग हितैषी माहौल तैयार हो रहा है। यह निवेश के लिए बेहतर गंतव्य स्थल बन गया है। फिर भी यहां निवेश को ले कर उनमें डर व्याप्त है। अध्यक्ष पद संभालने के बाद वे पहली बार इस दिन चेम्बर में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बंगाल के प्रति निवेशकों की सोच बदलने, उद्योग के लिए जमीन की समस्या नहीं होने और राज्य सरकार की ओर से यहां औद्योगिक विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जाने का दावा किया। इसके बावजूद बंगाल में नए निवेश नहीं आने का कारण पूछे जाने पर झाझरिया ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में निवेश लाने की कोशिश कर रही है। लेकिन सब कुछ सरकार नहीं कर सकती है। राज्य सरकार विदेशों में जा कर औद्योगिक सम्मेलन कर रही है और वहां के निवेशकों को बंगाल में निवेश करने के लिए आमंत्रण दे रही हैं। लेकिन सब कुछ सरकार नहीं कर सकती। इसके लिए हम सभी औद्योगिक और वाणिज्यिक संगठनों को मिल कर दुनिया भर में प्रचार करना होगा कि बंगाल निवेश के लिए बेहतर गंतव्य स्थल है।