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‘ममता बनर्जी पर पत्थर फेंके जा रहे थे और पुलिस मूकदर्शक बनी रही’, कल्याण बनर्जी का दावा, सुवेंदु अधिकारी की ओर से दिया गया था निर्देश

Mamata Banerjee Convoy Attack: हलीसहर में ममता बनर्जी के काफिले पर पत्थर, चप्पल और कीचड़ फेंके जाने के बाद TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने बीजेपी और सुवेंदु अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए। बीजेपी ने आरोपों से इनकार किया है।
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ममता बनर्जी पर हमला(फोटो-ANI)

Mamata Banerjee Attack: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हलीसहर में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर हमले को लेकर सियासत गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी की गाड़ी पर पत्थर फेंके गए और पुलिस मौके पर मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने दावा किया कि यह सब बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में हुआ और इसके पीछे बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी का निर्देश था। हालांकि, बीजेपी ने इस आरोप से इनकार किया है।

ममता बनर्जी रविवार को टीएमसी के दिवंगत कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिवार से मिलने हलीसहर पहुंची थीं। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले को घेर लिया और गाड़ियों पर पत्थर, जूते-चप्पल, पानी की बोतल और कीचड़ फेंका। घटना के बाद पुलिस ने ममता बनर्जी को सुरक्षित स्थान से बाहर निकाला।

कल्याण बनर्जी बोले- 'यह हत्या की कोशिश का मामला'

घटना के बाद टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी के काफिले पर हुए हमले को गंभीर बताते हुए कहा कि उनकी गाड़ी को निशाना बनाकर पत्थर फेंके गए।

कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया, 'ममता बनर्जी पर हमला करने के लिए पत्थर फेंके गए। उन्हें जान से मारने के लिए पत्थर फेंके गए। यह हत्या की कोशिश का मामला है।' उन्होंने दावा किया कि मौके पर सैकड़ों बीजेपी कार्यकर्ता मौजूद थे और पुलिस पूरी घटना के दौरान मूकदर्शक बनी रही। कल्याण बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे सुवेंदु अधिकारी की ओर से निर्देश दिया गया था।

किस मामले में परिवार से मिलने पहुंची थीं ममता?

ममता बनर्जी टीएमसी कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिवार से मिलने पहुंची थीं। बिरजू की मौत पुलिस हिरासत में होने का आरोप लगाया गया है। उनकी पत्नी और टीएमसी पार्षद जेनी शर्मा ने दावा किया था कि शुक्रवार को हलीसहर में पुलिस हिरासत के दौरान बिरजू की मौत हुई। इसी मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी थी। ममता के पहुंचने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और उनका काफिला घेर लिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।

बीजेपी ने हमले से किया इनकार

घटना पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने टीएमसी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की गाड़ी पर कीचड़, पत्थर या चप्पल फेंकने की घटना से बीजेपी का कोई लेना-देना नहीं है। समिक भट्टाचार्य ने कहा कि यह टीएमसी और जनता के बीच की लड़ाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी पूर्व मुख्यमंत्री, महिला या किसी भी नेता की गाड़ी पर पत्थर फेंकने का बीजेपी समर्थन नहीं करती।

उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री की गाड़ी पर हमला हुआ है तो पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को यह भी सोचना चाहिए कि जनता कथित अत्याचारों को नहीं भूली है।