
Mamata Banerjee latest news:तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम, चुनाव चिह्न और पार्टी पर अधिकार को लेकर चल रही लड़ाई अब और तेज हो गई है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इस मामले में जल्द फैसला करने की मांग की है। उन्होंने साफ कहा है कि विरोधी गुट को अब और समय नहीं दिया जाना चाहिए।
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के सचिव अश्विनी कुमार मोहल को भेजे पत्र में कहा कि उनकी पार्टी ने तय समय पर अपना जवाब दे दिया था, लेकिन दूसरे पक्ष को बार-बार जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय दिया जा रहा है। इससे पूरी प्रक्रिया बेवजह लंबी खिंच रही है।
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने चुनाव आयोग के सामने दावा किया कि वही असली तृणमूल कांग्रेस है। इस गुट ने पार्टी के नाम, चुनाव निशान और संगठन पर अपना अधिकार जताया है। उनका कहना है कि 22 जून को हुए विशेष सत्र में पार्टी संगठन में बदलाव किए गए थे।
हालांकि, ममता बनर्जी गुट ने इन दावों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि पार्टी में 2022 में हुए संगठनात्मक चुनाव के बाद बनी कमेटियां पूरी तरह वैध हैं और उनका कार्यकाल अभी जारी है। पार्टी का कहना है कि विरोधी गुट का दावा पार्टी के नियमों के खिलाफ है।
इस मामले में चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से जवाब मांगा था। ममता गुट ने समय पर अपना पक्ष रख दिया, जबकि ऋतब्रत गुट को जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया। पहले समय बढ़ाया गया और फिर जवाब दाखिल करने की आखिरी तारीख 25 जुलाई तय की गई।
ममता बनर्जी ने अपनी चिट्ठी में सवाल उठाया कि जब एक पक्ष समय पर जवाब दे चुका है तो दूसरे पक्ष को बार-बार मौका क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार तारीख बढ़ने से चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में सवाल खड़े हो सकते हैं।
ममता का कहना है कि अगर विरोधी गुट के पास कोई ठोस जवाब नहीं है तो मामले को और लटकाने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की है कि निष्पक्ष तरीके से जल्द जांच पूरी कर अंतिम फैसला सुनाया जाए। अब सभी की नजर चुनाव आयोग के फैसले पर है। इस विवाद का असर सिर्फ तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी समीकरणों पर नहीं, बल्कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी पड़ सकता है।