
Sukanta Majumdar: पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी वाले गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी के फिर चुनाव लड़ने की तैयारी पर सवाल उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी की रणनीति पर निशाना साधा। सुकांत मजूमदार ने कहा कि पहले रबीउल आलम चौधरी ने चुनाव लड़ने से इनकार किया था, लेकिन अब वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति चुनाव लड़ने को तैयार ही नहीं था तो पार्टी ने उसे उम्मीदवार क्यों बनाया। उन्होंने कहा कि अब उसी उम्मीदवार पर सीट की पूरी जिम्मेदारी डाली जा रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि तृणमूल कांग्रेस की रणनीति क्या है। उन्होंने रबीउल आलम चौधरी की चुनाव लड़ने की तैयारी को लेकर पार्टी के फैसले पर सवाल खड़े किए। नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी को लेकर राहुल गांधी के बयान पर भी सुकांत मजूमदार ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनकी राजनीतिक विरोधी है और दोनों दलों के बीच लगातार मुकाबला रहता है, लेकिन कांग्रेस को अपने कार्यकर्ताओं की भी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में राज्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले हुए और कई कार्यकर्ताओं की हत्या की गई। सुकांत मजूमदार ने सवाल उठाया कि तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन के दौरान कितने कांग्रेस कार्यकर्ता मारे गए, उस समय इस मुद्दे पर कितने लोगों ने आवाज उठाई। सुकांत मजूमदार ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर राहुल गांधी के बयान पर सवाल उठाया और कहा कि राजनीतिक दलों को अपने कार्यकर्ताओं के साथ हुई घटनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए। गौरतलब है कि नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।
वहीं दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच विवाद के कारण पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर निर्वाचन आयोग की ओर से लगाई गई रोक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी को प्रतिवादी बनाया है। निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए थे।