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नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को गिरफ्तार करने के मामले में आया अपडेट, पुलिस ने क्या कहा?

West Bengal by-election: पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े दंगे, हत्या और आपराधिक धमकी के मामलों में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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कोलकाता

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Ashib Khan

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Updated: 19 Sep 2026, 2:42 PM IST

Congress Milan Pradhan

राहुल गांधी (बाएं) और नंदीग्राम कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान (Photo-IANS)

Nandigram By-Election: पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज है। नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अब इस मामले में पुलिस की प्रतिक्रिया सामने आई है। पुलिस ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्हें 2007 के एंटी-लैंड एक्विजिशन मूवमेंट के दौरान दंगे, मर्डर और क्रिमिनल इंटिमिडेशन से जुड़े कम से कम चार केस में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस के मुताबिक, प्रधान पिछले 19 वर्षों से फरार थे और कानूनी प्रक्रिया से बच रहे थे। पुलिस ने बताया कि संबंधित मामलों में उन्हें फरार आरोपी के रूप में चार्जशीट पेश की जा चुकी है। वारंट की तामील के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।

पुलिस के अनुसार, लंबे समय से लंबित गैर-जमानती वारंट की तामील करना सभी चुनावों और उपचुनावों के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के स्थायी निर्देशों का हिस्सा है। पुलिस ने कहा कि मौजूदा विशेष अभियान के तहत की गई यह गिरफ्तारी कानून के अनुरूप कार्रवाई है और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन की दिशा में एक कदम है।

कांग्रेस ने क्या कहा?

वहीं इस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि मामले को आज अदालत के सामने पेश किया जाएगा और अनुभवी न्यायाधीश तथा अदालत जो भी फैसला या राय देंगे, हम उसका सम्मान करेंगे और उसे स्वीकार करेंगे। 

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस उन्हें बुलाकर भी पूछताछ कर सकती थी। उन्होंने अपने नामांकन पत्र में सभी जानकारी पहले ही घोषित कर दी थी, इसलिए किसी भी चीज को छिपाने की कोशिश नहीं की गई थी। सभी जानते हैं कि 2007 में उनके खिलाफ एक झूठा मामला बनाया गया था। बाद में जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनीं, तो उस मामले को वापस ले लिया गया था।

वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पुलिस द्वारा या पश्चिम बंगाल प्रशासन द्वारा गिरफ्तारी के लिए चुना गया समय गंभीर चिंता का विषय है। जब शिकायत पुरानी थी, तो अभी गिरफ्तारी क्यों की गई? जैसे ही यह पता चला कि ममता बनर्जी ने समर्थन बढ़ाया है, आपने हमारे उम्मीदवार को गिरफ्तार कर लिया। खैर, अब लोग सवाल भी नहीं पूछते; अब लोग बस सही समय का इंतजार कर रहे हैं।