
Nandigram By-election 2026: नंदीग्राम से लगातार तीन बार बीजेपी के सुवेन्दु अधिकारी विधायक रहे हैं। उनके सीट छोड़ने के चलते यहां इस साल दूसरी बार चुनाव हो रहा है। (फोटो थीम: पत्रिका.कॉम, डिजाइन: एआई)
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में होने जा रहा विधान सभा उपचुनाव देश भर में चर्चित हो गया है। अगर उपचुनाव में भाजपा की जीत हुई तो उसकी लगातार चौथी चुनावी जीत होगी। इस सीट पर ऐसा अब तक एक ही पार्टी कर पाई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)। 1967 से 1972 के बीच हुए चार चुनावों में लगातार उसके उम्मीदवार यहां से जीते थे। भाजपा की जीत हुई तो एक बार फिर यह इतिहास दोहराया जाएगा, हालांकि भाजपा की जीत इस मायने में भाकपा से अलग होगी कि उसने पांच साल में हुए चार चुनावों में लगातार जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा के दस साल इस सीट पर काबिज रहने के बाद चौथा चुनाव हो रहा है।
नंदीग्राम ऐसा क्षेत्र है, जहां 60 में से 27 साल भाकपा का कब्जा रहा और इसी क्षेत्र ने ममता बनर्जी को सत्ता तक पहुंचाने का दरवाजा खोला था और उन्हें सत्ता से बाहर करने का रास्ता भी यहीं से खुला। इस उपचुनाव में हालत यह है कि इस सीट पर ममता बनर्जी का कोई उम्मीदवार नहीं है। उन्होंने जिस संचिता प्रधान को उम्मीदवार बनाया था, वह बीच चुनाव मैदान छोड़ गईं। अब ममता कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन कर रही हैं।
नंदीग्राम में कांग्रेस अपनी संभावनाएं सालों पहले खत्म कर चुकी है। जैसे पूरे बंगाल में कर चुकी है। नंदीग्राम में 1967 से कांग्रेस का उम्मीदवार केवल एक बार (1996) जीता है। उस जीत को भी 30 साल बीत चुके हैं। 2016 से वहां से भाजपा जीतती आ रही है। इस उपचुनाव में भी उसी का पलड़ा भारी दिख रहा है।
नंदीग्राम की जनता जिसे भी जिताती है उसे दिल खोल कर वोट देती है। विजेता उम्मीदवार को 1977 में सबसे कम वोट मिले थे। फिर भी वह आंकड़ा 46.60 प्रतिशत था। 2011 में तृणमूल कांग्रेस की फिरोजा बीबी 60 फीसदी से ज्यादा वोट पाकर जीती थीं। 2016 में शुवेन्दु अधिकारी ने 67.20 फीसदी वोट हासिल कर उनका रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। हालांकि, इसके बाद के दो चुनावों में उन्हें इतने वोट नहीं मिले, लेकिन सीट पर उनकी पकड़ कायम रही।
| चुनाव वर्ष (Election Year) | विजेता (Winner) | पार्टी (Party) | विजेता का वोट शेयर (%) (Vote Share in %) |
| 1967 | भूपाल चंद्र पांडा | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) | — |
| 1969 | भूपाल चंद्र पांडा | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) | — |
| 1971 | भूपाल चंद्र पांडा | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) | — |
| 1972 | भूपाल चंद्र पांडा | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) | — |
| 1977 | प्रबीर चंद्र जना | जनता पार्टी (Janata Party) | 46.60% |
| 1982 | भूपाल चंद्र पांडा | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) | 54.30% |
| 1987 | शक्ति बल | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) | 52.60% |
| 1991 | शक्ति बल | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) | 47.90% |
| 1996 | देबी शंकर पांडा | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) | 49.20% |
| 2001 | शेख मोहम्मद इलियास | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) | 51.50% |
| 2006 | शेख मोहम्मद इलियास | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) | 48.70% |
| 2009 (उपचुनाव) | फिरोजा बीबी | तृणमूल कांग्रेस (TMC) | 58.28% |
| 2011 | फिरोजा बीबी | तृणमूल कांग्रेस (TMC) | 61.21% |
| 2016 | शुभेंदु अधिकारी | तृणमूल कांग्रेस (TMC) | 67.20% |
| 2021 | शुभेंदु अधिकारी | भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 48.49% |
| 2026 | शुभेंदु अधिकारी | भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 50.37% |
इस उपचुनाव ने ममता बनर्जी की राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला दिया है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की है। ममता बनर्जी को राजनीतिक पहचान कांग्रेस से ही मिली और कांग्रेस से अलग होकर उन्होंने अपना अलग मुकाम हासिल किया। अब जब वह अपने राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं तो एक तरह से उन्हें कांग्रेस के शरण में ही आना पड़ा है। (ममता के कांग्रेस से बगावत की पूरी कहानी यहां पढ़ सकते हैं।)
ममता ने पश्चिम बंगाल में वामपंथी किला ढहा कर नया मुकाम हासिल किया था। उन्हें इस मुकाम से नीचे उन्हीं के पुराने सिपहसालार ने गिराया। यह कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है (यहां पढ़ें)
| चुनाव वर्ष | पहला दल (सीटें) | दूसरा दल (सीटें) | तीसरा दल (सीटें) | चौथा दल (सीटें) | अन्य | कुल सीटें |
| 1952 | 🔵 INC (150) | 🔴 CPI (28) | 🟠 KMPP (15) | 🟤 AIFB (11) | 34 | 238 |
| 1957 | 🔵 INC (152) | 🔴 CPI (46) | 💗 PSP (21) | 🔵 AIFB (8) | 25 | 252 |
| 1962 | 🔵 INC (157) | 🔴 CPI (50) | 🟤 AIFB (13) | 🔵 RSP (9) | 23 | 252 |
| 1967 | 🔵 INC (127) | 🔴 CPI(M) (43) | 🔵 BC (34) | 🔴 CPI (16) | 60 | 280 |
| 1969 | 🔴 CPI(M) (80) | 🔵 INC (55) | 🔵 BC (33) | 🔴 CPI (30) | 82 | 280 |
| 1971 | 🔴 CPI(M) (113) | 🟢 INC(R) (105) | 🔴 CPI (13) | 🔵 SUCI (7) | 56 | 280 |
| 1972 | 🟢 INC(R) (216) | 🔴 CPI (35) | 🔴 CPI(M) (14) | 🔵 RSP (3) | 26 | 280 |
| 1977 | 🔴 CPI(M) (178) | 🔵 JP (29) | 🔵 AIFB (25) | 🟢 INC(R) (20) | 42 | 294 |
| 1982 | 🔴 CPI(M) (174) | 🟢 INC(I) (49) | 🔵 AIFB (28) | 🔵 RSP (19) | 24 | 294 |
| 1987 | 🔴 CPI(M) (187) | 🟢 INC(I) (40) | 🔵 AIFB (26) | 🔵 RSP (18) | 23 | 294 |
| 1991 | 🔴 CPI(M) (182) | 🔵 INC (43) | 🔵 AIFB (29) | 🔵 RSP (18) | 22 | 294 |
| 1996 | 🔴 CPI(M) (153) | 🔵 INC (82) | 🔵 AIFB (21) | 🔵 RSP (18) | 20 | 294 |
| 2001 | 🔴 CPI(M) (143) | 🟢 AITC (60) | 🟢 INC (26) | 🟤 AIFB (25) | 40 | 294 |
| 2006 | 🔴 CPI(M) (176) | 🟢 AITC (30) | 🔵 AIFB (23) | 🔵 INC (21) | 44 | 294 |
| 2011 | 🟢 AITC (184) | 🔵 INC (42) | 🔴 CPI(M) (40) | 🟤 AIFB (11) | 17 | 294 |
| 2016 | 🔵 AITC (211) | 🔵 INC (44) | 🔴 CPI(M) (26) | 🟠 BJP (3) | 10 | 294 |
| 2021 | 🟢 AITC (215) | 🟠 BJP (77) | 🔵 ISF (1) | 🟢 GJM (1) | 0 | 294 |
| 2026 | 🟠 BJP (207) | 🟢 AITC (80) | 🔵 INC (2) | 🔵 AJUP (2) | 🔴 CPI(M) (1) | 293 |
Updated on:
19 Sept 2026 03:11 pm
Published on:
19 Sept 2026 02:23 pm
