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सुवेंदु अधिकारी ने कैसे खोदी ममता की कब्र, कहां से शुरू हुआ मनभेद? जानिए

बीजेपी नौ मई को पश्चिम बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाने जा रही है। नौ मई का दिन चुने जाने के पीछे भी एक खास वजह लगती है। रवींद्र जयंती। वैसे भी इस बार के बंगाल विधान सभा चुनावों में बंगाल से जुड़े प्रतीकों (मछली, झालमूढ़ी) की काफी चर्चा रही है।

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सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के पहले भाजपाई सीएम बन सकते हैं। (AI Generated Photo).

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का 15 साल पुराना राज खत्म किया है। जाहिर है, यह एक दिन में नहीं हुआ है। भाजपा ने लगातार रणनीति बना कर दस साल की मेहनत के बाद किया है। इसके लिए उसने ममता बनर्जी के कई पुराने और भरोसेमंद साथियों को भी अपने साथ लिया। इनमें से एक बड़ा और प्रमुख नाम है सुवेंदु अधिकारी।

सुवेंदु अधिकारी ममता के लिए कितने महत्वपूर्ण थे

टीएमसी बनने के दो साल बाद (2000 में) अधिकारी कांग्रेस छोड़ कर ममता के साथ आए थे। वह उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगी बने। उन्होंने पार्टी को खूब मजबूत किया। 2006-07 में नंदीग्राम में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हुए किसानों का आंदोलन हुआ था। इस आंदोलन से तब की वामपंथी सरकार के खिलाफ और टीएमसी के पक्ष में माहौल बनाने में सबसे प्रमुख भूमिका अधिकारी ने ही निभाई ही थी। सिंगूर और नंदीग्राम के आंदोलन से उपजे असंतोष के दम पर ही ममता बनर्जी तीन दशक पुराना वामपंथी किला ढहाने में सफल हो पाई थीं।

सुवेंदु अधिकारी का ममता से कब और क्यों होने लगा मोह भंग

ममता के लिए सुवेंदु काफी मददगार साबित हो रहे थे और ममता उनसे काम भी खूब ले रही थीं। यह जुगलबंदी जम भी खूब रही थी। सुवेंदु का पार्टी में रुतबा काफी बढ़ गया था। वह एक तरह से अघोषित नंबर दो हो गए थे। लेकिन, तभी ममता ने भतीजे अभिषेक बनर्जी को पार्टी में नंबर दो की हैसियत दे दी। यहीं से सुवेंदु के मन में ममता के प्रति दूरी पैदा होने लगी और 2021 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी। वह भाजपा में चले गए।

सुवेंदु अधिकारी ने ममता के खिलाफ भाजपा का कैसे दिया साथ

भाजपा ने ममता का हर भेद जानने वाले सुवेंदु की अहमियत पहचानी। पार्टी ने उन्हें ममता के खिलाफ बड़ा हथियार बनाया। भाजपा में जाते ही सुवेंदु ने सीएम के खिलाफ अपने सारे घोड़े खोल दिए और चुनाव में भी नंदीग्राम में ममता को पटखनी दे दी। इस तरह भाजपा में भी उनका रुतबा बढ़ता गया। पार्टी ने उन्हें विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया। विधान सभा के अंदर और बाहर लगातार सुवेंदु अधिकारी ममता और टीएमसी को कमजोर करने के लिए काम करते रहे।

बंगाल चुनाव नतीजे 1952 से 2026 तक: दस साल में कैसे बढ़ती गई भाजपा

चुनाव वर्षपहला दल (सीटें)दूसरा दल (सीटें)तीसरा दल (सीटें)चौथा दल (सीटें)अन्यकुल सीटें
1952🔵 INC (150)🔴 CPI (28)🟠 KMPP (15)🟤 AIFB (11)34238
1957🔵 INC (152)🔴 CPI (46)💗 PSP (21)🔵 AIFB (8)25252
1962🔵 INC (157)🔴 CPI (50)🟤 AIFB (13)🔵 RSP (9)23252
1967🔵 INC (127)🔴 CPI(M) (43)🔵 BC (34)🔴 CPI (16)60280
1969🔴 CPI(M) (80)🔵 INC (55)🔵 BC (33)🔴 CPI (30)82280
1971🔴 CPI(M) (113)🟢 INC(R) (105)🔴 CPI (13)🔵 SUCI (7)56280
1972🟢 INC(R) (216)🔴 CPI (35)🔴 CPI(M) (14)🔵 RSP (3)26280
1977🔴 CPI(M) (178)🔵 JP (29)🔵 AIFB (25)🟢 INC(R) (20)42294
1982🔴 CPI(M) (174)🟢 INC(I) (49)🔵 AIFB (28)🔵 RSP (19)24294
1987🔴 CPI(M) (187)🟢 INC(I) (40)🔵 AIFB (26)🔵 RSP (18)23294
1991🔴 CPI(M) (182)🔵 INC (43)🔵 AIFB (29)🔵 RSP (18)22294
1996🔴 CPI(M) (153)🔵 INC (82)🔵 AIFB (21)🔵 RSP (18)20294
2001🔴 CPI(M) (143)🟢 AITC (60)🟢 INC (26)🟤 AIFB (25)40294
2006🔴 CPI(M) (176)🟢 AITC (30)🔵 AIFB (23)🔵 INC (21)44294
2011🟢 AITC (184)🔵 INC (42)🔴 CPI(M) (40)🟤 AIFB (11)17294
2016🔵 AITC (211)🔵 INC (44)🔴 CPI(M) (26)🟠 BJP (3)10294
2021🟢 AITC (215)🟠 BJP (77)🔵 ISF (1)🟢 GJM (1)0294
2026🟠 BJP (207)🟢 AITC (81)🔵 INC (2)🔵 Others (4)293

2026 में भाजपा ने अधिकारी को एक बार फिर ममता बनर्जी को हराने के लिए आगे किया। पार्टी ने उन्हें नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर (ममता के खिलाफ) से भी उतारा। इस बार भी उन्होंने ममता को शर्मनाक हार दी।

बीजेपी में अब तक की अपनी भूमिका के आधार पर सुवेंदु अधिकारी सीएम की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। उन्होंने जमीनी स्तर से राजनीति की है। पार्षद से लेकर मंत्री तक रहे हैं। उन्हें संगठन और प्रशासन, दोनों का अनुभव है। वह बंगाल में बीजेपी का चेहरा बन चुके हैं।

सुवेंदु अधिकारी कौन हैं

सुवेंदु अधिकारी राजनीति के पुराने खिलाड़ी हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी पुराने कांग्रेसी थे और टीएमसी के सांसद भी रह चुके हैं। उनके दो भाई दिव्येंदु और सौमेंदु भी राजनीति में हैं। ममता की तरह सुवेंदु ने भी कॉलेज से ही राजनीति शुरू कर दी थी।

मेदिनीपुर जिले की राजनीति में अधिकारी परिवार का पुराना दबदबा है। सुवेंदु और उनके पिता ने इस इलाके में शुरू से अपने लिए ठोस राजनीतिक जमीन तैयार की। इससे ममता को माकपा के दिग्गज और तामलुक के पूर्व सांसद लक्ष्मण सेठ का दबदबा खत्म करने में मदद मिली। नंदीग्राम आंदोलन के दिनों में इस इलाके में लक्ष्मण सेठ का अच्छा दबदबा था। 2006 में विधायक बन चुके सुवेंदु ने 2009 के लोक सभा चुनाव में तामलुक से सेठ को हरा दिया और 2014 में भी जीत कायम रखी। 2016 में ममता बनर्जी ने उन्हें बंगाल बुला लिया और अपनी सरकार में मंत्री बनाया।

सुवेंदु ने मंत्री रहते हुए न केवल टीएमसी को मजबूत किया, बल्कि अपने राजनीतिक प्रभाव का दायरा भी बढ़ाया। ममता का उन पर भरोसा भी बढ़ता गया। ममता अलग-अलग इलाके में टीएमसी का संगठन बनाने और पार्टी को मजबूत करने में उनकी मदद लेती रहीं। भाजपा में जाने के बाद वैसी ही मदद वहां भी की। भाजपा का पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने का सपना साकार हो रहा है तो इसमें उनकी बड़ी भूमिका है।

भवानीपुर चुनाव नतीजा 2026: सुवेंदु ने ममता को दी शर्मनाक हार

क्र.सं.उम्मीदवारपार्टीEVM वोटपोस्टल वोटकुल वोटवोट %
1सुवेंदु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी73,46345473,91753.02
2ममता बनर्जीऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस58,34946358,81242.19
3प्रदीप प्रसादइंडियन नेशनल कांग्रेस1,243141,2570.9
4श्रीजीब विश्वासकम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी)3,513433,5562.55
5अनुमिता शॉसोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट)21722190.16
6मणिका मुखर्जीभारतीय न्याय-अधिकार रक्षा पार्टी703730.05
7मलय गुहा रॉयनिर्दलीय (Independent)671680.05
8मुमताज अलीनिर्दलीय (Independent)790790.06
9नारायण दासनिर्दलीय (Independent)831840.06
10सफर शेखनिर्दलीय (Independent)710710.05
11एसके सफी अहमदनिर्दलीय (Independent)14111420.1
12सुब्रत बोसनिर्दलीय (Independent)30513060.22
13नोटा (NOTA)इनमें से कोई नहीं817128290.59
कुल योग1,38,4189951,39,413

भवानीपुर विधान सभा सीट पर पहली बार टीएमसी को हराने वाले नेता बने सुवेंदु

चुनाव वर्ष (Year)विजेता/रनर अप (Position)उम्मीदवार (Candidate)पार्टी (Party)वोट मिले (Votes)उम्र (Age)कुल वैध वोट डले (Valid Votes)वोटर लिस्ट में मतदाता (Electors)मतदान प्रतिशत (Turnout %)वोट शेयर (Vote Share)
20211शोभनदेव चट्टोपाध्यायAITC73,505771,27,3762,07,58861.3657.71
20212रुद्रनील घोषBJP44,786471,27,3762,07,58861.3635.16
2021 (उप चुनाव)1ममता बनर्जीAITC85,263661,18,5802,06,52757.4271.9
2021 (उप चुनाव)2प्रियंका टिबरेवालBJP26,428411,18,5802,06,52757.4222.29
20161ममता बनर्जीAITC65,520611,37,4552,05,71366.8247.67
20162दीपा दासमुंशीINC40,219551,37,4552,05,71366.8229.26
20111सुब्रत बख्शीAITC87,903601,35,7162,12,82163.7764.77
20112नारायण प्रसाद जैनCPM37,967531,35,7162,12,82163.7727.98