
मालबाजार
देवी चौधुरानी और भ्रामरी देवी मंदिरों के बाद मालबाजार उपखंड में गजलडोबा से तारापीठ मंदिर की तर्ज पर मंदिर का निमार्ण हो रहा है। इससे धार्मिक लौगों के लिए धर्म स्थान पर घूमने का अवसर मिलेगा। तीस्ता के दाहिने हाथ की नहर के साथ ग़ज़लदोबा से कथम्बाड़ी जाने वाले रास्ते में अपलकचंद जंगल के पास तारापीठ मंदिर के समान नए मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। 41 फीट ऊंचे मुख्य मंदिर है जिसका काम काफी हो चुका है। तारापीठ मंदिर के सोमनाथ मुखर्जी (पांडा) मंदिर के निर्माण के मुख्य आरंभकर्ता थे। उन्होंने बताया कि इस नए मंदिर का निर्माण कार्य अपालचंगों के क्षेत्र में मां के मंदिर के लिए काफी तेजी से हो रहा है। इस निर्माण के लिए स्थानीय ही नहीं बल्कि देश के अन्य भाग से भी लोग अपना सहयोग दे रहे है।
मुख्य मंदिर के साथ-साथ 20 कट्ठा जमीन पर शिवधाम, नटमंदिर, भोगघर, यज्ञवेदी, विश्राम गृह और आश्रम भी बनाए जाएंगे। सोमनाथ बाबू को उम्मीद है, 'अगले साल फरवरी तक तारापीठ मंदिर के रूप में उत्तर बंगाल के मध्य में एक नए मंदिर का उद्घाटन करने की योजना है।