कोलकाता

पश्चिम बंगाल: डॉक्टरों के संगठन ने की संदीप के लाइसेंस रद्द करने की अपील

ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ डॉक्टर्स एसोसिएशन (एआईएफजीडीए) और ज्वाइंट प्लेटफॉर्म ऑफ डॉक्टर्स, वेस्ट बंगाल (जेपीडी) ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का मेडिकल लाइसेंस रद्द करने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि घोष वित्तीय हेराफेरी, भाई-भतीजावाद और विभिन्न भ्रष्टाचारों में लिप्त हैं। डॉक्टरों के दो संगठनों की ओर से बताया गया कि आरजी कर ही नहीं बल्कि राज्य के कम से कम 25 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भ्रष्टाचार फैला हुआ है

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Sep 05, 2024
पश्चिम बंगाल: डॉक्टरों के संगठन ने की संदीप के लाइसेंस रद्द करने की अपील

वित्तीय हेराफेरी, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचारों में लिप्त होने का आरोप

. ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ डॉक्टर्स एसोसिएशन (एआईएफजीडीए) और ज्वाइंट प्लेटफॉर्म ऑफ डॉक्टर्स, वेस्ट बंगाल (जेपीडी) ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का मेडिकल लाइसेंस रद्द करने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि घोष वित्तीय हेराफेरी, भाई-भतीजावाद और विभिन्न भ्रष्टाचारों में लिप्त हैं। डॉक्टरों के दो संगठनों की ओर से बताया गया कि आरजी कर ही नहीं बल्कि राज्य के कम से कम 25 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। एआईएफजीडीए के संयुक्त महासचिव सुबर्ण गोस्वामी ने कहा कि उन अस्पतालों में भाई-भतीजावाद, मनी लॉन्ड्रिंग, दवा बिक्री जैसे अवैध काम हो रहे हैं।

सीबीआइ को सौंपे गए 1,100 पन्नों के दस्तावेज

इसके अलावा, सीबीआइ को सौंपे गए 1,100 पन्नों के दस्तावेज से पता चलता है कि कैसे कुछ लोग सत्तारूढ़ दल से निकटता के कारण अस्पतालों में दहशत का माहौल बना रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, दस्तावेज में कम से कम एक दर्जन लोगों के नाम भी शामिल हैं, जो पीछे से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भ्रष्टाचार का गिरोह चला रहे थे। सुवर्णा के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के अधीन स्वास्थ्य संस्थानों के नियंत्रक सत्ताधारी दल के अधीन गिरोह या गुट हैं।

संदीप घोष ने किया खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का रुख

वित्तीय भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष को निलबिंत करने के बाद पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग ने घोष के करीबी सहयोगी बर्दवान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के डॉक्टर विरुपाक्ष विश्वास का तबादला कर दिया। डॉ. विश्वास को नौ अगस्त को प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के बाद कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में देखा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप सब-डिवीजनल अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया। डॉ. विश्वास ने बुधवार को बताया कि उनका तबादला काकद्वीप कर दिया गया है लेकिन, यह एक नियमित प्रक्रिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डॉ विश्वास के तबादले की अधिसूचना आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ संदीप घोष के निलंबन के कुछ ही घंटों बाद जारी की गई। डॉ विश्वास को डॉ घोष के करीबी सहयोगियों में से बताया जा रहा है। इस बीच आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका में कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले की जांच सीबीआइ को सौंपने से पहले उनका पक्ष नहीं सुना। दूसरी तरफ केपीसी मेडिकल कॉलेज रेजिडेंट डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन और स्टूडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले आरजी कर मसले पर लोगों ने जादवपुर इलाके में विरोध जताया।

रैकेट चलाने का आरोप

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के पश्चिम बंगाल चैप्टर सहित विभिन्न संगठनों के वरिष्ठ डॉक्टरों ने नौ अगस्त के बाद आरोप लगाया कि घोष कई सहयोगियों की मदद से स्वास्थ्य विभाग में रैकेट चला रहे थे, जिनमें से डॉ. विश्वास एक हैं। जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन के दौरान एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें विश्वास को कथित तौर पर अंतिम वर्ष के मेडिकल छात्र को धमकी देते हुए सुना गया कि यदि उसने उनके आदेशों का पालन नहीं किया तो उसे उसका प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा। हालांकि विश्वास ने दावा किया कि ऑडियो क्लिप कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके बनाई गई है और आवाज उनकी नहीं है।

Published on:
05 Sept 2024 04:07 pm
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