
ममता बनर्जी (Photo-IANS)
Mamata Banerjee targets Amit Shah: पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले राजनीतिक दलों द्वारा तैयारी शुरू कर दी गई है। बांकुरा में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ममता बनर्जी ने अमित शाह और मोदी सरकार पर हमला बोला है। इस दौरान उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा किया है। बीजेपी पर एसआईआर के नाम पर लोगों को परेशान करने का भी आरोप लगाया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में शकुनि का चेला दुशासन जानकारी इकट्ठा करने आया है। जैसे ही चुनाव नजदीक आते हैं, दुशासन और दुर्योधन नजर आने लगते हैं। आज वे (BJP) कह रहे हैं कि ममता बनर्जी ने जमीन नहीं दी। पेट्रापोल और अंडाल में जमीन किसने दी?
गृह मंत्री के इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कि 'बंगाल आतंकवादियों का अड्डा बन गया है' पर ममता ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि "अगर जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी नहीं हैं, तो पहलगम की घटना कैसे हुई? क्या आपने पहलगम में हमला करवाया था? दिल्ली में हुई घटना के पीछे कौन था?"
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता सरकार को प्रदेश में घुसपैठियों को रोकने में विफल बताया है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में बीजेपी की सरकार बनती है तो यहां परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। शाह ने कहा कि ममता के शासन में लोग डरे हुए हैं।
घुसपैठ का जिक्र करते हुए अमित शाह ने आगे कहा कि मैंने फेंसिंग के मुद्दे पर ममता बनर्जी को 7 लेटर लिखे हैं। पिछले 6 सालों में, होम सेक्रेटरी तीन बार पश्चिम बंगाल आए हैं और राज्य के चीफ सेक्रेटरी के साथ मीटिंग की है। मैं TMC सरकार से पूछना चाहता हूं कि भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए जमीन देने में उन्हें क्या डर है, और क्या उनकी कोई ज़िम्मेदारी नहीं है, या क्या वे चाहते हैं कि घुसपैठ जारी रहे? बंगाल सरकार इन घुसपैठियों के लिए डॉक्यूमेंट बना रही है। TMC घुसपैठ नहीं रोक सकती और बंगाल की डेमोग्राफी खतरनाक तरीके से बदल रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने कहा- मंदिर और मस्जिद की राजनीति कौन कर रहा है? एक TMC का पुराना MLA है और दूसरा TMC। बंगाल के लोगों को तय करना होगा कि चुनाव पास आने पर ऐसी चीजें (मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का निर्माण) करना कितना सही है। यहां, मुद्दा सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है; भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा, घुसपैठ, उद्योगों का पलायन, और भी कई मुद्दे हैं।
Updated on:
30 Dec 2025, 3:14 PM IST
Published on:
30 Dec 2025, 3:09 PM IST
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