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बंगाल BJP के लिए अमित शाह का नया ऑर्डर जारी, बोले- बांग्लादेश से आए इस समुदाय का वोटिंग अधिकार सुरक्षित रखना है

अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेताओं को तृणमूल कांग्रेस के प्रोपेगेंडा का मुकाबला करने का निर्देश दिया है। टीएमसी नेता मतुआ समुदाय के वोटरों को डरा रहे हैं कि एसआईआर के बाद उनका वोटिंग अधिकार छिन जाएगा।

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Amit Shah West Bengal Election 2026

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। (फोटो- IANS)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कोर लीडरशिप को तृणमूल कांग्रेस के प्रोपेगेंडा का लगातार मुकाबला करने का निर्देश दिया है।

दरअसल, तृणमूल कांग्रेस के नेता राज्य में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के बाद मतुआ समुदाय के वोटरों के बीच उनके वोटिंग अधिकार छिन जाने को लेकर डर और घबराहट फैला रहा है।

प्रोपेगेंडा का मुकाबला करने का दिया निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्री ने मंगलवार दोपहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मतुआ समुदाय को साफ तौर पर भरोसा दिलाया कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले व्यक्तियों के वोटिंग अधिकार सुरक्षित रहेंगे।

उन्होंने बाद में पार्टी की राज्य की कोर लीडरशिप के साथ एक बैठक की, जहां उन्होंने राज्य पार्टी नेताओं को इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस के लगातार प्रोपेगेंडा का मुकाबला करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कोर राज्य लीडरशिप को मतुआ समुदाय के वोटरों के साथ नियमित बातचीत कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्देश दिया, उन्हें उनके वोटिंग अधिकारों की सुरक्षा का आश्वासन दिया और इस मामले में उनके डर को दूर किया।

बांग्लादेश से आकर भारत में बसे हैं मतुआ समुदाय

बता दें कि मतुआ एक सामाजिक रूप से पिछड़े समुदाय के लोग हैं जो पड़ोसी बांग्लादेश से शरणार्थी के रूप में पश्चिम बंगाल आए और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बस गए। जिनमें से ज्यादातर नादिया और उत्तर 24 परगना जिलों में रहते हैं।

जब से पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू हुआ है, तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार यह दावा कर रही हैं कि राज्य में बसे कई मतुआ वोटर अपने वोटिंग अधिकार खो देंगे।

पश्चिम बंगाल राज्य समिति एक सदस्य ने कहा कि गृह मंत्री ने हमें नए साल की शुरुआत से ही राज्य विधानसभा चुनावों के लिए आक्रामक प्रचार शुरू करने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि चुनाव अगले साल अप्रैल की शुरुआत में हो सकते हैं।

किन किन राज्यों के दौरे पर हैं अमित शाह?

अमित शाह अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए चार राज्यों के 15 दिवसीय दौरे पर हैं। अब तक वह असम और पश्चिम बंगाल का दौरा कर चुके हैं।

इसके बाद, वह तमिलनाडु और केरल के दौरे पर जाएंगे। इस दौरे का उद्देश्य पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करना, जनता के मुद्दों को समझना और चुनावी रणनीति तैयार करना है।