कोलकाता

पश्चिम बंगाल में उगाही और भ्रष्टाचार पर भाजपा सख्त, पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने नेताओं को दी चेतावनी

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल के पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने पार्टी के कुछ नेताओं पर उगाही और भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर राजनीतिक पहचान देखे बिना कार्रवाई की जाएगी।
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Aug 02, 2026
Dilip Ghosh
पंचायत मंत्री दिलीप घोष। फोटो-आईएएनएस

कोलकाता। राज्य के पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने अपनी ही पार्टी के एक वर्ग के नेताओं पर उगाही और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछली सरकारों से विरासत में मिली उगाही की संस्कृति को रातोंरात समाप्त नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि कई नेता 'शहद के आदी' होते जा रहे हैं। घोष ने कहा कि पार्टी नेतृत्व इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है और भ्रष्ट आचरण पर रोक लगाने के लिए आंतरिक स्तर पर चर्चा की जा रही है।

पार्टी नेताओं को दी सलाह

दिलीप घोष ने कहा कि पुलिस को निर्देश दिया गया है कि शिकायत मिलने पर राजनीतिक संबद्धता की परवाह किए बिना कार्रवाई की जाए। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को उन लोगों के साथ नजदीकी बढ़ाने से बचने की सलाह दी, जिन्होंने पहले जनता को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने याद दिलाया कि जनता ने हाल ही में बदलाव के पक्ष में जनादेश दिया है। घोष ने स्पष्ट किया कि उगाही में शामिल लोगों को सख्त जवाबदेही का सामना करना होगा और सरकार भ्रष्टाचार के प्रति अपनी शून्य सहिष्णुता की नीति पर कायम है।

छात्र आंदोलन पर भी बोले

वहीं दूसरी तरफ मंत्री दिलीप घोष ने छात्रों के आंदोलन को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों को भड़काना और गुमराह करना बहुत आसान होता है तथा आंदोलनकारी और वामपंथी समूह बार-बार ऐसा करते हैं। घोष ने आरोप लगाया कि इसमें विदेशी ताकतों की भी भूमिका है और विदेश से सैकड़ों करोड़ रुपए आते हैं, जिनसे युवाओं को उकसाया जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सड़क पर प्रदर्शन कर लाठीचार्ज झेलते हैं, जबकि दूसरे लोग पांच सितारा होटलों में मौज करते हैं। घोष ने दावा किया कि अब यह सब उजागर हो चुका है और जिन युवाओं को गुमराह कर ऐसे कामों में शामिल किया गया, उन्हें अदालत ने भी माफ कर दिया।

'उगाही की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं'

गौरतलब है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने भी राजारहाट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इसी तरह की चिंता जताई। उन्होंने स्वीकार किया कि उगाही की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं की छिपी हुई इच्छाएं अब सक्रिय हो गई हैं और व्यापक दलगत राजनीति पर रोक लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब तक पश्चिम बंगाल हर स्तर पर व्याप्त राजनीतिक दखल से मुक्त नहीं होगा, तब तक राज्य में निवेश आकर्षित करना और सार्थक विकास सुनिश्चित करना संभव नहीं होगा।

Updated on:
02 Aug 2026 02:41 pm
Published on:
02 Aug 2026 02:41 pm