जांच एजेंसियों के अनुसार, हमीम से पूछताछ के दौरान ही अर्पिता का नाम सामने आया, जिसके बाद तुरंत झारखंड में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया। उसे बर्धमान लाया गया है और अदालत में पेश किया जाएगा। एसटीएफ के मुताबिक, अर्पिता को एक ‘ट्रैप’ के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। वह कथित तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों, प्रभावशाली व्यक्तियों और राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाकर उन्हें अपने जाल में फंसाने की कोशिश करती थी। इस प्रक्रिया में संवेदनशील सूचनाएं हासिल करने का प्रयास किया जाता था। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि के लिए अर्पिता से गहन पूछताछ की जा रही है।