कोंडागांव

गांव को एक बूंद भी नहीं मिला पानी, इधर 7 लाख का बिजली बिल देख हैरान रह गए पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण

CG News: पूर्व सरपंच राजेश नेताम ने बताया कि 2017-18 के आसपास पीएचई विभाग ने गांव में पानी टंकी निर्माण कर नल-जल योजना की शुरुआत की थी और तभी बिजली कनेक्शन भी लिया गया होगा।
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सिंगनपुर पंचायत का मामला (Photo source- Patrika)
सिंगनपुर पंचायत का मामला (Photo source- Patrika)

CG News: केशकाल ग्राम पंचायत सिंगनपुर की सरपंच संगीता नेताम इन दिनों विद्युत विभाग द्वारा भेजे गए 7,20,964 के भारी-भरकम बिजली बिल को लेकर बेहद परेशान हैं। यह बिल 13 जून को एक पत्र के माध्यम से पंचायत को भेजा गया, जिसे देखकर सरपंच और गांववाले हैरान रह गए।

CG News: योजना का लाभ अब तक नहीं मिल पाया ग्रामीणों को

सरपंच संगीता नेताम ने बताया कि यह विद्युत कनेक्शन पेयजल आपूर्ति योजना के अंतर्गत पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) विभाग द्वारा बहुत पहले, उनके सरपंच बनने से पहले लिया गया था। लेकिन विडंबना यह है कि इस योजना का लाभ आज तक ग्रामवासियों को नहीं मिला। पानी की सप्लाई कभी शुरू नहीं हुई, फिर भी वर्षों का बकाया बिजली बिल अब पंचायत पर डाल दिया गया है।

उन्होंने बताया कि उन्होंने योजना का हैंडओवर लेने से इंकार कर दिया था, जब तक कि गांववासियों को पानी मिलना सुनिश्चित नहीं होता। उन्होंने अधिकारियों को कई बार काम ठीक से पूरा करने का अनुरोध किया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब यह योजना बिना किसी पूर्व सूचना के मौजूदा सरपंच को हैंडओवर कर दी गई, और उसका बकाया बिजली बिल भी पंचायत के मत्थे मढ़ दिया गया है।

अंचल के कई गांवों का ऐसा ही हाल है जहां योजना का लाभ अब तक ग्रामीणों को नहीं मिल पाया है। लगातार ग्रामीण इसके लिए गुहार लगा रहे हैं बावजूद इसके विभाग इसे लेकर कोई पहल नहीं कर रहा है और ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं।

पंचायत के पास नहीं है भुगतान की व्यवस्था

सरपंच संगीता नेताम ने स्पष्ट किया कि पंचायत के पास इतनी बड़ी राशि चुकाने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब योजना से कोई लाभ नहीं मिला, तो इसका खर्चा पंचायत क्यों उठाए? यह राशि पीएचई विभाग और संबंधित ठेकेदार से वसूली जानी चाहिए।

अब क्या करें सरपंच?

CG News: इस पूरी स्थिति ने सरपंच को एक कठिन परिस्थिति में ला खड़ा किया है। न तो उन्हें किसी विभाग से संतोषजनक जवाब मिल रहा है और न ही समाधान की कोई स्पष्ट दिशा। यह मामला सरकारी योजनाओं में समन्वय की कमी और जवाबदेही के अभाव को उजागर करता है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा।

पूर्व सरपंच ने बताई असलियत

पूर्व सरपंच राजेश नेताम ने बताया कि 2017-18 के आसपास पीएचई विभाग ने गांव में पानी टंकी निर्माण कर नल-जल योजना की शुरुआत की थी और तभी बिजली कनेक्शन भी लिया गया होगा। लेकिन विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की उदासीनता के कारण योजना का कार्य पूरा नहीं हो पाया और जल आपूर्ति कभी शुरू नहीं हुई।

Updated on:
05 Jul 2025 11:49 am
Published on:
05 Jul 2025 11:49 am