कोंडागांव

कोंडागांव के शिल्पकार रामचंद्र नेताम का अनूठा हुनर, पत्थरों पर उकेर रहे बेलमेटल कला

Chhattisgarh Handicraft: कोंडागांव के शिल्पकार रामचंद्र नेताम ने बेलमेटल कला में अनूठा नवाचार किया है। नदी किनारे मिलने वाले प्राकृतिक पत्थरों पर बेलमेटल की आकर्षक कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं।
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Bell Metal Art
कोंडागांव की बेलमेटल कला में नया प्रयोग (Photo Source- Patrika)

Bell Metal Art: शिल्प नगरी के नाम से प्रसिद्ध कोंडागांव कलाकारों की सृजनशीलता और नवाचार के लिए जाना जाता है। यहां के कलाकार पारंपरिक कला को नए प्रयोगों से लगातार समृद्ध कर रहे हैं। सोनाबाल निवासी शिल्पकार रामचंद्र नेताम भी ऐसे ही नवाचारी कलाकार हैं, जो पारंपरिक गढवा हस्तशिल्प और बेलमेटल कला की विरासत को नई पहचान दे रहे हैं।

Ramchandra Netam: पारंपरिक कला को मिल रही आधुनिक पहचान

लगभग 17 वर्ष पहले रामचंद्र नेताम ने विश्वप्रसिद्ध बेलमेटल शिल्प में एक अनूठा प्रयोग करने का निर्णय लिया। पारंपरिक रूप से मिट्टी के ढांचे पर तैयार होने वाली कलाकृतियों के स्थान पर उन्होंने नदी किनारे मिलने वाले सुंदर और प्राकृतिक पत्थरों को आधार बनाना शुरू किया। इन पत्थरों पर बेलमेटल की कलाकृतियां उकेरकर वे कला को एक अलग और आकर्षक स्वरूप दे रहे हैं।

सोनाबाल स्थित सार्वजनिक हस्तशिल्प सुविधा केंद्र में रामचंद्र नेताम अपने सहयोगियों के साथ इन नवाचारी बेलमेटल कलाकृतियों को मूर्तरूप दे रहे हैं। पत्थर और धातु के इस अनूठे संयोजन ने पारंपरिक कला को आधुनिकता से जोड़ते हुए नई पहचान दी है। रामचंद्र नेताम युवा पीढ़ी को भी इस विशिष्ट शिल्पकला का प्रशिक्षण दे रहे हैं, ताकि यह पारंपरिक कला आने वाली पीढिय़ों तक जीवंत बनी रहे। उनका प्रयास कोंडागांव के बेलमेटल शिल्प को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

Bellmetal art on stone: बेलमेटल शिल्प की खास बातें

  • बेलमेटल या डोकरा शिल्प प्राचीन धातु कला है।
  • यह मुख्य रूप से लॉस्ट वैक्स कास्टिंग तकनीक पर आधारित है।
  • इसमें मोम के मॉडल और मिट्टी के सांचे का उपयोग किया जाता है।
  • पीतल और कांस्य सहित विभिन्न धातुओं से कलाकृतियां तैयार की जाती हैं।
  • देवी-देवताओं, पशु-पक्षियों और जनजीवन के ²श्यों को शिल्प में उकेरा जाता है।
  • आदिवासी समुदायों ने इस कला को पीढिय़ों से संरक्षित रखा है।
  • रामचंद्र नेताम ने पत्थरों को आधार बनाकर इस पारंपरिक कला में नया प्रयोग किया है।
  • प्राकृतिक पत्थर और बेलमेटल के संयोजन से कलाकृतियों को अनूठा स्वरूप मिल रहा है।
Updated on:
04 Sept 2026 02:35 pm
Published on:
04 Sept 2026 02:35 pm