25 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Ladakh Marathon: उम्र को हराकर लद्दाख मैराथन की चुनौती पूरी करने को तैयार, कोंडागांव के 58 और 70 वर्षीय धावक लगाएंगे दौड़

marathon: कोंडागांव के 58 वर्षीय संतोष साहू और 70 वर्षीय ज्वाला प्रसाद शर्मा लद्दाख मैराथन में दौड़ लगाएंगे। 11,500 फीट की ऊंचाई पर 42.195 किमी दौड़कर युवाओं को देंगे प्रेरणा।
2 min read
Google source verification
Ladakh Marathon

धावक संतोष साहू और ज्वाला प्रसाद शर्मा (Photo Patrika)

Senior Citizen Marathon: कोंडागांव जिले के दो वृद्ध धावक संतोष साहू (58) और ज्वाला प्रसाद शर्मा (70) अपनी उम्र को धता बताते हुए न सिर्फ कई स्पर्धाओं में पदक जीत चुके हैं, बल्कि अब लद्दाख मैराथन में छत्तीसगढ़ और कोंडागांव का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी में हैं। पेशे से मैकेनिक संतोष साहू और सेवानिवृत्त शिक्षक ज्वाला प्रसाद शर्मा का जज्बा युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। संतोष साहू, जिन्हें संतु के नाम से भी जाना जाता है, ने अंडमान में हुई 10 किलोमीटर की मैराथन दौड़ में नंगे पांव हिस्सा लिया और समुद्र किनारे दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीता था। अब यह जोड़ी दुनिया की सबसे कठिन मानी जाने वाली लद्दाख मैराथन में भाग लेगी।

जहां सांस लेना भी मुश्किल होता है

यह दौड़ 11,500 फुट की ऊंचाई पर 42.195 किलोमीटर पथरीले रास्तों पर होती है, जहां सांस लेना भी मुश्किल होता है। जब संतोष साहू से उनकी उम्र को लेकर सवाल किया जाता है, तो वे कहते हैं, ’’इसी उम्र में ही तो करना है।’’ वे युवाओं को नशे से दूर रहने, उम्र को बहाना न बनाने और प्रतिदिन कम से कम एक किलोमीटर दौडऩे का संदेश देते हैं। उनका मानना है कि शरीर का इंजन रोज चलाना पड़ता है और एक दोस्त जो साथ दौड़ता है, वह सौ डॉक्टर से बेहतर है। उन्होंने कहा, ’’रुकना मना है, झुकना मना है। उम्र कोई बाधा नहीं, उसे हराने का हौसला हमारे पास है। धावक सन्तोष साहू ने बताया कि, 13 सितंबर को उनका फुल मैराथन है जिसके लिए वह 4 सितंबर को यहां से रवाना होंगे और सप्ताहभर रहकर वह अपने शरीर को वहाँ के क्लाइमेट के अनुसार डालेंगे।

लद्दाख मैराथन: विश्व की सबसे ऊंची दौड़

लद्दाख मैराथन को विश्व की सबसे ऊंची और कठिन मैराथन में से एक माना जाता है। यह दौड़ लेह शहर के आसपास 11,500 फुट से अधिक की ऊंचाई पर आयोजित होती है। ऑक्सीजन की कमी, पथरीले रास्ते और अप्रत्याशित मौसम इसे अत्यधिक चुनौतीपूर्ण बनाते हैं। इसमें भाग लेने वाले धावकों को शारीरिक और मानसिक रूप से अपूर्व सहनशक्ति की आवश्यकता होती है, जो उनकी ²ढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देती है।

बड़ी खबरें

View All

कोंडागांव

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग