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सड़क नहीं तो स्कूल छूटा, पानी नहीं तो झरिया सहारा… बेडमापारा के ग्रामीणों की अनसुनी कहानी

Chhattisgarh Rural News: केशकाल के आवरी गांव के बेडमापारा में 400 से ज्यादा ग्रामीण आज भी सड़क और साफ पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बारिश में कीचड़ से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित है, जबकि ग्रामीण झरिया का पानी पीने को मजबूर हैं।
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Keshkal News

स्कूल की राह में सबसे बड़ा रोड़ा ‘कीचड़’ (photo source- Patrika)

Keshkal News: छत्तीसगढ़ के कई गांवों में विकास की तस्वीर अब भी कागजों और दावों से आगे नहीं बढ़ पाई है। केशकाल विकासखंड का ग्राम आवरी का बेडमापारा भी ऐसी ही जमीनी हकीकत सामने लाता है। यहां 400 से ज्यादा लोग रहते हैं, लेकिन आज भी ग्रामीणों को सड़क और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई, लेकिन उनकी परेशानी का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।

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