
स्कूल की राह में सबसे बड़ा रोड़ा ‘कीचड़’ (photo source- Patrika)
Keshkal News: छत्तीसगढ़ के कई गांवों में विकास की तस्वीर अब भी कागजों और दावों से आगे नहीं बढ़ पाई है। केशकाल विकासखंड का ग्राम आवरी का बेडमापारा भी ऐसी ही जमीनी हकीकत सामने लाता है। यहां 400 से ज्यादा लोग रहते हैं, लेकिन आज भी ग्रामीणों को सड़क और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई, लेकिन उनकी परेशानी का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
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