कोंडागांव

सौरमंडल और ब्रह्मांड के बारे इस छात्रा की अनोखी सोच, फ्रांस जाकर बस्तर का किया नाम रोशन

Bastar News: सौरमंडल और ब्राम्हांड विषय पर ही कुछ अलग करने की सोच बनाते हुए अपना टॉरगेट फिक्स कर रखा था। और आज वह सात समंदर पार दक्षिण अमेरिका के देश चिली के यूनिवर्सिटी ऑफ चिली में सौरमंडल पर शोध कर रही है।
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Bastar News: उच्चशिक्षा अध्ययन कर लगभग युवा यूपीएससी व इंजीनियर, डाक्टर और बेहतर बिजनेसमैन बनने का सपना देखते है, लेकिन नगर के मरारपारा में रहने वाली नित्या पांडे ने स्कूली समय से ही सौरमंडल और ब्राम्हांड विषय पर ही कुछ अलग करने की सोच बनाते हुए अपना टॉरगेट फिक्स कर रखा था। और आज वह सात समंदर पार दक्षिण अमेरिका के देश चिली के यूनिवर्सिटी ऑफ चिली में सौरमंडल पर शोध कर रही है।

वह वर्ष 2021 में विभिन्न परीक्षाओं और इंटरव्यू के बाद चिली के लिए सलेक्ट हुई थी और तबसे वह वहीं रहकर अपना रिचर्स कर रही हैं। कुछ दिनों पहले ही वह कोण्डागांव अपने परिजनों से मिलने आई थी, तब हमारी मुलाकात नित्या से हुई उन्होंने बताया कि, चिली एक्सट्रोनामी अध्ययन के लिए विश्व में सबसे बेहतर जगह है। नित्या ने बताया कि, वह सौरमंडल का विकास कैसे हुआ और नेप्च्यून के आगे कायबर बेल्ट पर पाये जाने वाले माइनर बॉडी की खोज में वह काम कर रही है।

कल्पना चॉवला स्कॉलर्शिप में गई थी फ्रांस

वर्ष 2018 में नित्या को रविशंकर विवि से पासआउट होने के साथ ही स्पेश यूनिवर्सिटी ऑफ फ्रांस में कल्पना चॉवला स्कॉलर्शिप के लिए चुनकर गई और वहॉ उन्होंने 65 दिनों तक खगोल विज्ञान पर अपनी पकड़ और मजबूत बनाते हुए रिसर्च तैयार किया था। वह कहती है कि, वह हिन्दी माध्यम से ही पढ़ाई कर आगे बढ़ी है, और हिन्दी कभी उनके अध्ययन में कोई बाधा नहीं बनी, समय के साथ सबकुछ ठीक होता चला जाता है, बस आप अपना टारगेट फिक्स रखिये। नित्या कहती है कि, उसके प्रोफेसर चाहते है कि, वह कुछ समय तक यूएस में काम करे, लेकिन वह इंडिया आकर अपने देश में ही रहकर एक्सट्रोनॉमी पर काम करने की इच्छा रखती है।

Updated on:
12 Apr 2024 04:52 pm
Published on:
12 Apr 2024 02:40 pm