जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर कोण्डागांव विधानसभा के अंतिम छोर में बसे ग्राम पंचायत मालाकोट के ग्रामीणों ने अघोषित रूप से फ रमान जारी कर दिया है कि....
कोण्डागांव. जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर कोण्डागांव विधानसभा के अंतिम छोर में बसे ग्राम पंचायत मालाकोट के ग्रामीणों ने इस बार तो अघोषित रूप से फ रमान जारी कर दिया है कि उनका वोट उसी को जो उन्हें आश्वासन नहीं काम करके दिखाएगा। ग्रामीणों की माने तो वे हर विधानसभा व लोकसभा चुनाव के दौरान ठगे जाते रहे हैं। उनके गांव तक पहुंचने के लिए सही तरह से सड़क भी नहीं बन पाई हैं। जिसके चलते उन्हें घूमावदार रास्ते से होकर जाना इनकी मजबूरी हैं। पंचायत में बिजली का कनेक्शन तो पहुंच गया है, लेकिन लो-वोल्टेज के चलते बिजली केवल जलती हैं, रौशनी नहीं देती। जिसके चलते किसान अपने खेतों में बोर भी नहीं करवा पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि, पंचायत में नाली, सीसी सड़क की दरकार सालों से हैं। लेकिन आज तक इनकी मांग पूरी नहीं हो पाई हैं। ग्रामीण राजमन, मेघनाथ, रामदीवान की माने तो वे गांव के विकास की बाट जोह रहे है। लेकिन उनकी इन समस्याओं को आज तक किसी ने कोई निराकरण की नहीं सोची। जिसके चलते कई तरह की समस्याओं से ग्रामीणों को रोजाना दो-चार होना पड़ रहा हैं।
युवा मतदाता कर रहे वार्ड बैठक
जानकारी के मुताबिक कुछ ग्रामीण युवा अपने गांव के विकास के मुद्दे को लेकर पंचायत के विभिन्न वार्डों में बैठकें कर मतदाताओं को विकास की बात समझाते हुए उसी को वोट करने की बात कह रहे है जो गांव का हित चाहे और विकास करने का आश्वासन नहीं बल्कि लिखित में दे। दरअसल इलाके के ग्रामीण अपनी समस्याओं को कई दफे उजागर कर चुके है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होता देख गांव के ही जागरूक युवाओं का दल इस तरह से अपनी बात रख रहा हैं। हालांकि ये युवा किसी पार्टी विशेष को मुहर लगाने की बात तो नहीं कह रहे, लेकिन ग्रामीणों के समस्याओं को समझने वाले प्रत्याशी को वोट करने की अपील कर रहे हैं।
जनप्रतिनिधि न प्रशासन ने सुनी गुहार
ग्रामीणों ने बताया कि, जब वर्ष 2013 में विधानसभा चुनाव हुए थे तो हर प्रत्याशी गांव के घर-घर में दस्तक देते हुए हमारी इन समस्याओं को पूरा करने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक ये कार्य न तो स्वीकृत हो पाए और न ही गांव के विकास के लिए किसी जनप्रतिनिधि ने कोई प्रयास किया। पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण कई दफे शासन-प्रशासन के पास अपनी मांग रखने की बात कह रहे हैं। लेकिन उनकी सुनवाई आज तक नहीं हुई और कोकोड़ी से मालाकोट पहुंचने वाला मार्ग आज तक नहीं बन पाया। जिससे बारिश के दिनों में लोगों को काफ ी समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं।