इधर 15 हाथी केन्दई जलप्रपात के पास, दोनों झुंडों के पीछे विभाग ने लगाई टीम
कोरबा . वृद्ध दंपत्ति को कुचलने के बाद हाथियों ने बांगो डेम से लगे छातापखना में जमकर उत्पात मचाया है। गांव के चार घरों को तोड़ा दिया। हाथियों के आने से ठीक पहले ग्रामीणों ने बस्ती से भागकर जंगल में छिपकर अपनी जान बचाई। हाथियों के उत्पात से क्षेत्र के एक दर्जन से ज्यादा गांव के ग्रामीण दहशत में हैं।
कटघोरा वनमंडल में वर्तमान में कुल 43 हाथी हैं। जिसमें से 15 हाथी केन्दई नवापारा के समीप डेरा जमाए हुए हैंं। वहीं 28 हाथी एतमानगर वन परिक्षेत्र के अन्र्तगत बांगो डेम से लगे छातापखना में हैं। इसी झुंड ने एक दिन पहले मड़ई में वृद्ध दंपत्ति को अपना निशाना बनाया था। इस घटना के बाद एक तरफ ग्रामीण दहशत में है तो वहीं दूसरी तरफ हाथियों का उत्पात कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
रविवार की रात लगभग दो बजे 28 हाथियों का झुंड छातापखना के पास पहुंचा। बस्ती में 20 से 30 घर हैं। जंगल से लगे चार मकानों को हाथियों ने तोड़ दिया।
इसमें से एक मकान को तो हाथियों ने पूरी तरह से तोड़ दिया। हाथियों के आने की सूचना ग्रामीणों को वन विभाग से पहले मिल चुकी थी। लिहाजा ग्रामीण पहले ही सुरक्षित जगह पर जा चुके थे। दोनों ही झुंडों के आसपास वन विभाग ने हाथी मित्र दल लगाया गया है जो लगातार नजर बनाए हुए हैं।
तीनों ही जगह पर्यटन स्थल, वन विभाग ने कहा जंगल की बजाय लोग सिर्फ स्पॉट ही घूमे
जिन जगहों पर हाथियों का उत्पात है उसमें तीनों मड़ई से लगे बुका, एतमानगर से लगे बांगो डेम व केन्दई जलप्रपात ये तीनों ही जगह प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। विभाग द्वारा पर्यटकों को आने से रोका नहीं जा रहा है। लेकिन सलाह दी जा रही है कि लोग मुख्य पर्यटक स्थल ही आएं। अकसर लोग पर्यटक स्थल से लगे जंगल व नदी के तट का चयन करते हैं। ऐेसे में यह जोखिम भरा हो सकता है। गौरतलब है कि गर्मी व बारिश सीजन में भी पर्यटकों की भीड़ इन जगहों पर रहती है।
कलेक्शन सेंंटर के समीप जमे, बांधापारा में तेंदूपत्ता तोडऩे का काम ठप
इधर हाथियों की वजह से तेेंदूपत्ता तोडऩे व संग्रहण का काम भी प्रभावित होने लगा है। दरअसल एतमानगर के बांधापारा समिति के लिए परेशानी यह आ गई है कि जिस जगह पर ग्रामीण तेंदूपत्ता तोड़ कर कलेक्शन करते हैं उसके आसपास ही हाथियों का दल डेरा जमाए हुए है। इस समिति में मड़ई से लेकर कई अन्य गांव भी शामिल है।