- सबसे अधिक फर्जी लाइसेंस भारी वाहन चालकों के पास
कोरबा. पुलिस ने जाली लाइसेंस बनाने वाले एक गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ा है। गिरोह ६०० रुपए में नकली लाइसेंस जारी करता था। हरदीबाजार चौकी प्रभारी ने बताया कि पुलिस को नकली ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने वाले गिरोह की सूचना मिली थी। पुलिस ने रविवार को बोइदा बस स्टैंड में प्रियंका स्टूडियो में छापेमार कार्रवाई की।
दुकान की जांच की। इस दौरान पुलिस को लायसेंस बनाने वाला ११ कोरा कार्ड, चार ड्राइविंग लाइसेंस, कलर प्रिंटर, स्केनर सहित कुछ लोगों के आधार कार्ड की फोटो कॉपी मिली। चार लाइसेंस की जांच की गई। प्रारंभिक तौर पर चारों लाइसेंस फर्जी पाए गए। पुलिस ने स्टूडियो के संचालक रंजीत कुमार गोंड़ और कॉम्प्यूटर ऑपरेटर जयपाल सिंह को पकड़ लिया। लाइसेंस जारी करने में उपयोग वाली सामग्री को जब्त कर लिया। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा ४२०, ४६७, ४६८, ४७१ के तहत केस दर्ज किया है।
परिवहन विभाग मेें एक लायसेंस 3500 रुपए का
बताया जाता है कि परिवहन विभाग में एक लाइसेंस के लिए विभाग ने जितनी शुल्क तय की है, उतनी ही शुल्क दलाल लेकर लाइसेंस बनाने का काम करते हैं। कुछ लोग पैसे की कमी या अन्य कारण फर्जी लाइसेंस बनाकर वाहन चलाते हैं। यह भी बताया जाता है कि सबसे अधिक फर्जी लाइसेंस भारी वाहन चालकों के पास हैं।