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इतने वर्गफुट जमीन की हेराफेरी, गिरफ्तारी के लिए जेपी सिंह की तलाश

- तीन मार्च 2016 को जिलास्तर पर गठित सीमांकन कमेटी ने जमीन का किया था सीमांकन

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कोरबा

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Shiv Singh

Nov 26, 2018

इतने वर्गफुट जमीन की हेराफेरी, गिरफ्तारी के लिए जेपी सिंह की तलाश

इतने वर्गफुट जमीन की हेराफेरी, गिरफ्तारी के लिए जेपी सिंह की तलाश

कोरबा. बांकीमोंगरा की ६२४ वर्गफुट जमीन की हेराफेरी के मामले में पूर्व भू- अभिलेख अधीक्षक जेपी सिंह पर कानून का शिकंजा कस गया है। उनके खिलाफ कूटरचना और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि रिपोर्ट बांकीमोंगरा निवासी रामकरण अग्रवाल ने लिखाई है। इसमें बताया गया है कि पटवारी हल्का नंबर १५ बांकीमोंगरा के मोंगरा में उसकी जमीन है। तीन मार्च २०१६ को जिलास्तर पर गठित सीमांकन कमेटी ने जमीन का सीमांकन किया था।

कमेटी में कलेक्टर के आदेश पर तत्कालीन भू- अभिलेख अधीक्षक जेपी सिंह अधीक्षक, राजस्व निरीक्षक भूषण लाल डिक्सेना, रामसेवक सोनी और भृत्य समय लाल पटेल को शामिल किया गया था। दल ने सीमांकन की कार्रवाई के दौरान मौके पर उपस्थित गवाहों के समक्ष एक पंचनामा तैयार किया था। इसमें रामकरण अग्रवाल सहित अन्य लोगों के हस्ताक्षर थे। दल ने रामकरण की जमीन पर अन्य लोगों के अलावा दिनेश अग्रवाल का कब्जा पाया था।

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पंचानामा पर सभी पक्षों ने दस्तखत किए थे। रामकरण का आरोप है कि उन्होंने सीमांकन के बाद कलेक्टर की नकल शाखा से जमीन की नकल प्राप्त की। इसमें पता चला कि पंचानापा पर लिखे गए ६२४ वर्गफुट पर जमीन के कब्जे को काटकर शून्य कर दिया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दिनेश अग्रवाल को लाभ पहुंचाने के लिए मौके पर तैयार की की गई नजरी नक्शा और पंचनामा में कांटछांट कर शून्य किया गया। रामकरण ने कूटरचना और धोखाधड़ी की शिकायत बांकीमोंगरा थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद जीपी सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा ४२० (धोखधड़ी), ४६७ (दस्तावेज में काटछांट), ४६८ (छल के मकसद से काटछांट) व ४७१ (नकली दस्तावेज को असली बताकर नकल देन) का केस दर्ज किया है। बांकीमोंगरा थाने में केस दर्ज होने के बाद जेपी सिंह की मुश्किल बढ़ गई हैं। उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।

दो साल से चल रही थी इस मामले की जांच
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया है कि उसकी मोंगरा में 0.291 हेक्टेयर, (लगभग 72 डिसमिल जमीन है) इसके लिए उसने संभागायुक्त के जनदर्शन में अर्जी दी थी। सीमांकन की मांग की थी। अर्जी को आयुक्त ने कलेक्टर के पास भेज दिया था। कलेक्टर के आदेश पर जांच कमेटी का गठन हुआ था। गड़बड़ी उजागर होने पर शिकायतकर्ता ने बांकीमोंगरा में थाने में दस्तावेज के साथ एफआईआर के लिए अर्जी दी थी। दो साल से पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। सबूत पाए जाने पर पुलिस ने पूर्व अधीक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

-पूर्व भू-अभिलेख अधीक्षक के खिलाफ सबूत पाए जाने पर केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के लिए कोशिश की जा रही है, जल्द ही पकड़ लिया जाएगा - रमेश कुमार पांडे, थाना प्रभारी बांकीमोंगरा