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Korba News: जूस सेंटर की बर्फ में निकला मरा हुआ मेंढक, देखते ही लोगों में मचा हड़कंप, जांच में जुटा विभाग

Korba News: कोरबा के चौपाटी स्थित एक जूस सेंटर की बर्फ में मरा हुआ मेंढक मिलने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच व्यवस्था पर सवाल उठाए...

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जूस की बर्फ में निकला मेंढक (फोटो सोर्स- पत्रिका)

जूस की बर्फ में निकला मेंढक (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Korba News: कोरबा जिले के चौपाटी स्थित एक जूस सेंटर की बर्फ में मेंढक मिलने से हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, विभागीय अधिकारियों ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।

जिले में तेज धूप के साथ गर्मी बढ़ने लगी है। इसके साथ ही लोगों में गन्ना जूस सहित अन्य ठंडे पेय पदार्थों की मांग भी बढ़ गई है। इन जूस सेंटरों में बर्फ की खपत काफी बढ़ गई है। ऐसे में बर्फ फैक्ट्रियों में मानकों का पालन नहीं किए जाने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, शहर से लेकर उपनगरीय क्षेत्रों में बिना बिल के बर्फ की खपत हो रही है।

ऐसे हुआ खुलासा

यह मामला तब सामने आया जब घंटाघर स्थित चौपाटी में संचालित एक जूस सेंटर में ग्राहकों ने जूस की मांग की। जूस को ठंडा करने के लिए संचालक ने बर्फ तोड़ी। बर्फ टूटते ही उसके अंदर एक मेंढक मिला। इसके बाद चौपाटी में हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग को दी गई।

जब विभाग ने मामले की जांच की, तो यह स्पष्ट नहीं हो सका कि बर्फ कहां से आई और किस फैक्ट्री में तैयार की गई थी। बताया जा रहा है कि जूस सेंटर संचालक ने निहारिका स्थित एक बर्फ विक्रेता से बर्फ खरीदी थी। हालांकि, विक्रेता के पास फैक्ट्री का बिल नहीं था और न ही जूस सेंटर संचालक के पास कोई बिल उपलब्ध था।

अधिकांश बर्फ दूसरे जिलों से आ रही है

बताया जा रहा है कि बर्फ विक्रेता कोरबा के साथ ही बिलासपुर और जांजगीर-चांपा के विभिन्न फैक्ट्रियों से बर्फ थोक में खरीदता था। जिले में एक-दो ही बर्फ फैक्ट्री संचालित हैं, जबकि खपत अधिक है। ऐसे में अधिकांश बर्फ दूसरे जिलों से आ रही है। हालांकि, इस बर्फ के उपयोग के दौरान निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच नहीं हो रही है।

नीले रंग की बर्फ खाने योग्य नहीं

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार इंडस्ट्रियल उपयोग के लिए बनाई जाने वाली बर्फ में हल्का नीला रंग मिलाया जाता है। यह बर्फ खाने योग्य नहीं होती, बल्कि केवल सामानों को सुरक्षित रखने के लिए उपयोग की जाती है। वहीं, खाने योग्य बर्फ के निर्माण में साफ-सफाई के साथ आरओ (RO) पानी का उपयोग अनिवार्य है।

विकास भगत, खाद्य निरीक्षक, खाद्य सुरक्षा विभाग, कोरबा के मुताबिक, बर्फ फैक्ट्रियों के साथ ही ठेलों और दुकानों में उपयोग होने वाली बर्फ के सैंपल लिए जाएंगे। खामियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।