
दोनों आरोपियों से कुल 686 नग मिला पौधा (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Crime News: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के फरसगांव थाना क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। यहां मक्के की फसल के बीच छिपाकर गांजे की खेती किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 686 गांजा के पौधे बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फरसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पावारास में दो व्यक्तियों द्वारा अपने-अपने मक्के के खेतों के बीच गांजे के पौधे उगाने की सूचना मुखबिर के माध्यम से प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
गठित टीम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर ग्राम पावारास पहुंचकर संदिग्ध खेतों की घेराबंदी की और विधिवत तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान खेतों में लगी मक्के की फसल के बीच-बीच में छिपाकर लगाए गए गांजे के पौधों को देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
तलाशी के दौरान पहला मामला अभिराम यादव (28 वर्ष), पिता सोमरू राम का सामने आया। उसके खेत में मक्के की फसल के बीच कुल 237 नग गांजा के पौधे पाए गए, जिनका कुल वजन लगभग 14.96 किलोग्राम था। वहीं, दूसरे आरोपी श्रवण कुमार उईके (38 वर्ष), पिता सुधूराम के खेत की तलाशी लेने पर वहां से 449 नग गांजा के पौधे बरामद किए गए, जिनका वजन 6.40 किलोग्राम पाया गया।
दोनों आरोपियों के खेतों से कुल 686 नग गांजा के पौधे बरामद किए गए, जिनका कुल वजन 21 किलो 36 ग्राम है। पुलिस के अनुसार, जब्त गांजे की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है।
मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(क) के तहत अपराध दर्ज किया है। 27 मार्च 2026 को विधिवत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध खेती के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर समय रहते रोक लगाई जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यह मामला एक बार फिर यह संकेत देता है कि नशे का अवैध कारोबार अब ग्रामीण क्षेत्रों में खेती की आड़ लेकर पैर पसार रहा है। मक्के जैसी सामान्य फसल के बीच गांजे के पौधे छिपाकर उगाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों की सतर्कता बेहद जरूरी हो गई है।
Published on:
27 Mar 2026 05:56 pm
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