कोरबा

Breaking : दोराहे पर खड़े हैं जवान, अपने ही हक के आंदोलन को कुचलने का फरमान, अधिकारों के लिए जागे पुलिस के परिवारों की गिरफ्तारी शुरू

बुनियादी सुविधाओं के लिए शासन के विरोध में आवाज उठाने की हिम्मत जुटाई

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Jun 20, 2018
बुनियादी सुविधाओं के लिए शासन के विरोध में आवाज उठाने की हिम्मत जुटाई

कोरबा. राजनैतिक दलों के आंदोलन में कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिस के जवान आज दोराहे पर खड़े हैं।

दरअसल आज का आंदोलन करने वाले कोई और नहीं पुलिसकर्मियों के ही परिजन हैं। जिन्हें एकजुट होने में कई साल लग गए। जिन्होंने अब जाकर पुलिसकर्मियों के अधिकार व बुनियादी सुविधाओं के लिए शासन के विरोध में आवाज उठाने की हिम्मत जुटाई है।

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सभी बुधवार की सुबह घण्टाघर चौक में एकत्र हुए और रैली निकालने की तैयारी में थे। इस दौरान लगभग 50 पुलिसकर्मियों के परिजन मौजूद थे। लेकिन आंदोलन शुरू होता इससे पहले ही कड़े निर्देशों को पालन करते हुए पुलिस यहां पहुंच गई। परिजनों के चेहरे से स्कार्फ हटवाने के बाद सभी की वीडियोग्राफी की गई और गिरफ्तारी शुरू कर दी गई। आंदोलन के शुरू होने के पहले ही इसे कुचलने का प्रयास है।


हालांकि इसके लिए न तो प्रशासन और न ही पुलिस से अनुमति मिली थी। बुधवार को निकाले जाने वाली रैली पर सबकी नजर थी। दरअसल पहली बार ऐसा होगा कि पुलिस कर्मियों के परिवार के सदस्य सड़क पर उतरे। इधर इस रैली में हंगामे की स्थिति को देखते हुए पुलिस कर्मियों को तैनात करने के आदेश दिए जा चुके थे।

एसपी से की थी मुलाकात
मंगलवार को पुलिस कर्मचारी परिवारों कीदर्जनों महिलाएं व बच्चे एसपी कार्यालय पहुंच कर एडिशनल एसपी से मुलाकात कर विभिन्न प्रकार की समस्याओं से अवगत कराया। बुधवार को निकाली जाने वाली रैली की अनुमति को प्रशासन ने एक दिन पहले ही खारिज कर दिया था। लिहाजा परिवार के सदस्यों ने रैली को लेकर पुलिस महकमे को सूचना दी है।

पुलिस कर्मियों के परिवार की मांग है कि वर्षों बाद भी पुलिस कर्मियों की सेवा शर्तों में कोई खास अंतर नहीं आया है, उनका वेतनमान अन्य कर्मचारियों की तुलना में कम है जबकि वह उन से कहीं ज्यादा सेवा करते हैं और उनके लिए किसी प्रकार के साप्ताहिक अवकाश की सुविधा भी सरकार की ओर से नहीं दी गई है। इसके अलावा कई तरह की जटिल परिस्थितियों का सामना इन कर्मियों को अपनी ड्यूटी के दौरान करना होता है परिजनों ने यह भी कहा है कि पुलिसकर्मी अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाते।

अनेक मौके पर उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है उनके आवासीय परिसर में कई प्रकार की समस्याएं बनी हुई हैं इसके अलावा कोई और भी स्तर पर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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Updated on:
22 Jun 2018 02:41 pm
Published on:
20 Jun 2018 01:04 pm
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