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Excise Officer Controversy: ‘तू कांग्रेस MLA का भाई होगा’… ‘मंत्री कोई भगवान नहीं होता’, बरबसपुर शराब दुकान विवाद में जयसिंह अग्रवाल ने आबकारी अधिकारी को लगाई फटकार

Barbaspur Liquor Shop: बरबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस बीच पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल का आबकारी अधिकारी से फोन पर हुई तीखी बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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Excise officer controversy

बरबसपुर शराब दुकान विवाद (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Korba Liquor Shop Controversy: कोरबा जिले के बरबसपुर में शराब दुकान खोलने की योजना पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए आबकारी विभाग ने फिलहाल अपनी योजना टाल दी है। वहीं इस मसले को लेकर आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा है कि बहनों की इच्छा नहीं है तो यहां शराब दुकान नहीं खुलेगी। वहीं प्रदेश के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा है कि ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए आबकारी मंत्री समझ गए हैं और वे बैकफुट पर आ गए हैं।

आबकारी मंत्री का आश्वासन, कहा- बहनों की भावना का सम्मान होगा, नहीं खुलेगी शराब दुकान

रविवार को आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन कोरबा में आयोजित नशामुक्ति के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए मंत्री देवांगन ने कहा कि बरबसपुर में शराब दुकान खोलने के लिए अधिकारी जगह देखने गए थे, अभी दुकान खोलने को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। इस बीच बहनें जबरदस्ती धरना प्रदर्शन में बैठ गईं। मेरे को फोन करके बोल देते तो शराब दुकान वहां नहीं खोलवाता, मैं आबकारी का मंत्री हूं, बहनों की इच्छा बरबसपुर में शराब दुकान खोलने की नहीं है तो वहां शराब दुकान नहीं खुलेगी।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा- बरबसपुर में शराब दुकान खोलने नहीं दिया जाएगा

वहीं इस मसले पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा है कि बरबसपुर में शराब दुकान के विरोध में पूरे गांव के लोग एकजुट हैं। महिलाएं सड़क पर हैं। आबकारी मंत्री जनता के विरोध को समझ गए हैं। जनता का जवाब आ गया है। इससे आबकारी मंत्री बैकफुट पर हैं, इसलिए अब शराब दुकान नहीं खोलने की बातें कर रहे हैं। जयसिंह ने कहा कि बरबसपुर में शराब दुकान खोलने नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने मंत्री देवांगन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्हें शराब के पैसे की इतनी हवश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके पहले रामपुर क्षेत्र में शराब दुकान खोलने की कोशिश हुई लेकिन उसका जगह-जगह विरोध हुआ, तब बरबसपुर में दुकान खोलने की योजना बनाई गई। मंत्री ने कहा कि किसी भी स्थिति में बरबसपुर में शराब दुकान नहीं खोलने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मसले को लेकर आबकारी के अधिकारियों से भी बातचीत की है। उन्हें बताया है कि जब पूरा गांव विरोध में है तो दुकान नहीं खोला जाना चाहिए।

Jay Singh Agrawal: फोन पर आबकारी अधिकारी से क्या बोले पूर्व मंत्री?

बरबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विरोध के बीच पूर्व मंत्री ने आबकारी विभाग के एक अधिकारी से फोन पर तीखी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बरबसपुर में किसी भी हाल में शराब दुकान नहीं खुलनी चाहिए और यदि ऐसा करने की कोशिश हुई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। फोन पर बातचीत के दौरान पूर्व मंत्री ने अधिकारी से कहा, "बरबसपुर में शराब दुकान नहीं खुलेगी। अगर दुकान खोलने की कोशिश की तो सोच लेना क्या अंजाम होगा। गांव वालों पर किसी तरह का दबाव मत बनाना।"

उन्होंने आगे कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं और चाहें तो इसकी रिकॉर्डिंग भी कर ली जाए। पूर्व मंत्री ने कहा, "मैं यही बोलूंगा, चाहे इस बात की रिकॉर्डिंग कर लो।" बातचीत के दौरान पूर्व मंत्री ने अधिकारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र की महिलाएं कई दिनों से धरने पर बैठी हैं और उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी ग्रामीणों के बीच आकर सार्वजनिक रूप से घोषणा करें कि बरबसपुर में शराब दुकान नहीं खोली जाएगी।

पूर्व मंत्री ने यह भी मांग की कि विभाग लिखित रूप में नोटिफिकेशन जारी कर स्पष्ट करे कि गांव में शराब दुकान नहीं खुलेगी। उन्होंने कहा, "मंत्री कोई भगवान नहीं होता। मैं भी मंत्री रह चुका हूं, इसलिए गलतफहमी में मत रहना।" इसके साथ ही पूर्व मंत्री ने आबकारी विभाग पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से शराब दुकानों में ओवररेटिंग, नकली शराब की बिक्री और अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के बजाय गलत तरीके से काम किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान मोबाइल फोन स्पीकर पर था और आसपास मौजूद ग्रामीण भी पूरी बातचीत सुन रहे थे। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।