उरगा थाना अन्र्तगत ग्राम सण्डैल में टीम ने रूकवाई थी शादी
कोरबा . शादी रूकवाने पहुंची टीम के सामने कीटनाशक खाने वाली किशोरी की एक सप्ताह उपचार के बाद शुक्रवार की देररात मौत हो गई। इधर मौत के बाद अब महिला एवं बाल विकास अपने ही बयान में उलझने लगा है।
दरअसल पहले तो इस मामले को सार्वजनिक नहीं की गई। फिर जब विभाग पर सवाल उठने लगे तो तर्क दिया कि किशोरी ने पहले से खुद शादी रूकवाने पत्र लिखा था। शादी रूकेगी की नहीं इस अमसंजस में उसने कीटनाशक पी लिया। जबकि परिजनों का कहना है कि टीम के घर आने के बाद उसने यह कदम उठाया।
उरगा थाना अन्र्तगत बरपाली परियोजना के ग्राम सण्डैल में 17 वर्ष 8 माह की किशोरी का विवाह होना था। इसकी सूचना मिलने पर जिला प्रशासन द्वारा गठित बाल संरक्षण टीम सण्डैल पहुंची। समझाइश देने के बाद बाल विवाह रूकवाया गया। इससे पहले ही किशोरी ने जहर का सेवन कर लिया था। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
आनन-फानन में उसे सरगबुंदिया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में लाया गया। जहां से हालत बिगडऩे पर उसे ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। जहां एक सप्ताह तक उसका उपचार जारी रहा। देर रात उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इधर किशोरी के मौत के बाद सुबह से ट्रामा सेंटर में दोनोंं वर और वधु पक्ष का जमावड़ा लग गया। मौत के लिए टीम को जिम्मेदार बताया।
बच्चों की नहीं करते काउंसिलिंग, कार्रवाई का जताते हैं खौफ
जहां भी नाबालिगों की शादी रूकवाई जा रही हैं। वहां टीम द्वारा परिवार के सदस्यों को समझाइश और कार्रवाई का खौफ जताकर लौट जाते हैं। लेकिन उन किशोरियों की काउंसिलिंग नहीं कराई जाती। जो कि इससे सबसे अधिक प्रभावित हैं। गांव-गांव में शादी टूटने को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां है। जिसे लेकर किशोरियों के मन में कई प्रकार के सवाल है कि कहीं उनकी शादी बाद में होगी की नहीं। परिजनों ने शादी में कर्जकर शादी की तैयारियां की। गांव वालों का ताने। इन सबबातों को लेकर जरूरी है कि किशोरियों की अलग से टीम बात करें।