- 107 केन्द्रों का वेब चैनल पर होगा लाइव टेलिकास्ट
कोरबा. मतदान वाले दिन किसी केन्द्र में यदि किसी मशीन में खराबी आई तो इसके लिए अतिरिक्त ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को रिजर्व रखा गया है। जिले के १० प्रतिशत चिन्हांकित मतदान केन्द्रों की सारी प्रक्रियाओं को मतदान वाले दिन वेब चैनल के माध्यम से लाइव टेलिकास्ट किया जाएगा। सभी मशीनों की कमीशनिंग भी पूरी हो चुकी है। कुछ मशीनों में खराबी थी, इसे भी सुधार लिया गया है। उम्मीद है कि मतदान वाले दिन सारी प्रक्रिया शांतिपूर्ण व निर्बाध रूप से पूर्ण होगी।
गुरुवार की शाम कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी मो. कैसर अब्दुल हक ने पत्रवार्ता में उक्त बातों का उल्लेख किया। कलेक्टर ने आगे बताया कि सभी मशीनों का परीक्षण राजनैतिक दलों की मौजूदगी किया गया है। किसी मशीन में खराबी आने की स्थिति में हमारे पास २६७ वीवीपैट व ईवीएम मशीन रिजर्व में है, जोकि आपात स्थिति के लिए पर्याप्त है। मतदान दलों का तीसरा व अंतिम प्रशिक्षण कार्य जारी है। जोकि शुक्रवार को समाप्त हो जाएगा। मतदान के एक दिन पहले १९ नवंबर को मतदान दल अपने-अपने केन्द्र के लिए सारी सामग्री के साथ रवाना होंगे। इसी दिन उन्हें यह पता चलेगा कि उनकी ड्यूटी कौन से मतदान केन्द्र में लगी है। जिले के चारों विधानसभा में कुल १०७५ मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। जिनकी सुरक्षा के लिए चाक चौबंध व्यवस्था की गई है।
107 केन्द्रों का लाइव प्रसारण
जिले में कुल ४७३ मतदान केन्द्रों को संवेदनशील केन्द्रों के तौर पर चिन्हांकित किया गया है। इनमें से १०७ मतदान केन्द्रों का लाइव प्रसारण किया जाएगा। यह प्रसारण किसी वेब चैनल पर दिखाया जाएगा। चैनल कौन सा होगा इसकी जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है। इसके लिए वेब कास्टिंग का कार्य किया जाएगा। सर्वाधिक लाइव टेलीकास्ट वाले मतदान केन्द्र पाली-तानखार में हैं। जिनकी संख्या 30 है।
4005 डाक मत पत्र जारी
ऐसे कर्मचारी जो सरकारी सेवा या रक्षा का कार्य कर रहे हैं। उनके लिए जिले में कुल मिलाकर ४००५ डाक मतपत्र जारी किए गए हैं। सभी पात्र कर्मचारी डाक मतपत्र के माध्यम से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
बीएलओ बांटेंगे मतदाता पर्ची, लेकिन राजनैतिक बांटे तो उल्लंघन नहीं
कलेक्टर ने बाताया कि इस बार बीएलओ घर-घर फोटोयुक्त रंगीन मतदाता पर्ची का वितरण करेंगे। इसलिए राजनैतिक दलों को इसका वितरण नहीं करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, लेकिन वह फिर भी पर्ची बांटते हैं, तो यह आचर संहित उल्लंघन की श्रेणी में नहीं आएगा। बीएलओ के साथ राजनैतिक दल के प्रतिनिधि भी पर्ची बांटने के दौरान उपस्थित रह सकते हैं। प्रचार भी कर सकते हैं, वह स्वतंत्र हैं, लेकिन बीएलओ किसी तरह के प्रचार में शामिल नहीं होंगे। वह सिर्फ पर्ची बांटने का काम करेंगे।