पुलिस मुख्यालय ने थानों को निर्देश जारी कर उल्लू की तस्करी जैसी वारदातों पर ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आदेश में जिक्र किया गया है कि अंधविश्वास रखने वाले लोग उल्लू की बलि चढ़ाते हैं, जिससे की उल्लू की प्रजाति पर संकट मंडरा रहा है।
कोरबा. उल्लुओं की कद्र करते आपने शायद ही सुना होगा। लोग ज्यादातर इस पक्षी के नाम की उपमा उपहास उड़ाने और किसी को मुर्ख साबित करने के लिए लेते हैं लेकिन अब छत्तीसगढ़ की पुलिस को इनकी सुरक्षा करनी होगी। इसके लिए बकायदा मुख्यालय से निर्देश जारी किये गए हैं।
पुलिस मुख्यालय ने थानों को निर्देश जारी कर उल्लू की तस्करी जैसी वारदातों पर ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आदेश में जिक्र किया गया है कि अंधविश्वास रखने वाले लोग उल्लू की बलि चढ़ाते हैं, जिससे की उल्लू की प्रजाति पर संकट मंडरा रहा है। इस तरह की घटनाओं में लिप्त लोगों को 7 वर्ष की सजा या जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है।
ये है वजह
असल में उल्लू किसानों के मित्र होते हैं। वो खेतों से चूहे जैसे कई ऐसे जानवरों का शिकार करते हैं, जो फसल को नुकसान पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अंधविसावसी लोग इनका जमकर शिकार करते हैं। जिसके कारण इनकी तादाद काफी कम हो गयी। किसानो की मदद करने के लिए ही पुलिस अब उनकी रक्षा करेगी।