Coal India: संघ ने कोयला क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई के मंजूरी की निंदा की है। सरकार से फैसले वापस लेने की मांग की है।
कोरबा. कोयला उद्योग में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का भारतीय मजदूर संघ ने विरोध किया। एफडीआई के विरोध में बीएमएस ने गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और कोरबा एरिया में धरना प्रदर्शन किया। प्रबंधन के जरिये प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की।
मजदूर नेताओं ने कहा कि बीएमएस खनिज क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई का विरोध करता है। इससे उद्योग और श्रमिकों पर पडऩे वाले असर को देखते हुए जनजागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। संघ के नेताओं ने कहा कि सरकार की नीतियों से संगठित क्षेत्र में तीन फीसदी मजदूर रह गए हैं।
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असंगठित क्षेत्र में 97 फीसदी मजदूर काम करते हैं। सरकार ने कोयला उद्योग में 100 फीसदी विदेशी पंूजी के निवेश की मंजूरी देकर कोल इंडिया को नुकसान पहुंचाना चाहती है। एफडीआई की मंजूरी से कोयला उद्योग में विदेशी पंूजी बढ़ जाएगी। यह सही है कि विदेशी कंपनियों का मकसद रोजगार को बढ़ावा देना नहीं बल्कि पैसे कमाना होता है। आयोजित धरना प्रदर्शन में संघ के नेता लक्ष्मण चन्द्रा, अरुण सिंह, संजय सिंह सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित थे।
बीएमएस हड़ताल करेगा तो सीटू देगा समर्थन
इधर, संयुक्त यूनियन की हड़ताल से दूर रहने पर श्रमिक नेताओं ने बीएमएस को घेरना चालू कर दिया है। सीटू नेता डीडी रामानंदन ने एक बयान जारी कर कहा है कि बीएमएस कोयला उद्योग में 15 दिन की हड़ताल करता है, तो उसे नि:शर्त समर्थन देंगे। सीटू का बयान ऐसे समय आया है, जब एफडीआई मुद्दे पर बीएमएस की नागपुर में बैठक होने वाली है।